फिल्ममेकर रोहित शेट्टी पर पिछले दिनों आरोप लगा कि वो अपनी दो निजी गाड़ियों पर अनाधिकृत तरीके से पुलिस का स्टिकर इस्तेमाल कर रहे हैं. अब रोहित शेट्टी की टीम की ओर से इस मामले पर सफाई आ गई है. टीम की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि रोहित की गाड़ियों पर पुलिस का स्टिकर उस वक्त लगाया गया था, जबइसी साल जनवरी में उनके घर पर फायरिंग की घटना हुई थी. हालांकि अब उन गाड़ियों से स्टिकर्स को हटा लिया गया है.
पर बीते रोज़ एक रिपोर्ट में ये बात सामने आई, जिसके बाद रोहित शेट्टी कानूनी मुश्किल में फंसते नज़र आ रहे थे. विवाद बढ़ने पर रोहित की टीम ने मामले पर बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि 31 जनवरी 2026 को मुंबई में रोहित शेट्टी के घर पर कुछ राउंड फायरिंग की गई थी. इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी थी और उन्हें प्रोटेक्शन भी दी गई थी. उसी दौरान पहचान के लिए उनकी गाड़ियों पर स्टिकर्स लगाए गए थे.
रोहित शेट्टी के पास पुलिस सुरक्षाबयान में आगे कहा गया है, “इस वक्त भी रोहित शेट्टी पुलिस की सुरक्षा में ही रहते हैं. उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसवाले हमेशा उनके साथ रहते हैं, क्योंकि मामला पर अब भी नज़र रखी जा रही है..” उन्होंने बयान में मुंबई पुलिस का मुश्किल वक्त में सपोर्ट और सहायता के लिए शुक्रिया भी अदा किया है.
क्या है विवाद?हाल ही में मिड डे ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि रोहित शेट्टी ने अपनी दो निजी गाड़ियों को मोडिफाई किया था और बिना इजाजत के पुलिस स्टिकर का इस्तेमाल किया. कहा गया कि इस कदम की वजह से रोहित के खिलाफ एक्शन भी हो सकता है. एक आरटीओ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया था, “मोटर व्हीकल एक्ट 1988, जिसमें 2019 में संशोधन भी किया गया था, उसके मुताबिक ‘पुलिस’ का स्टिकर, लोगो या साइन (पहचान) निजी गाड़ियों पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. इसका जिक्र एक्ट के सेक्शन 177 में किया गया है.”