The Umpires Had Change Rahul Tewatia Bat During The Match: आईपीएल 2026 का चौथा मुकाबला बीते मंगलवार यानी 31 मार्च को पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया. मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच को पंजाब ने 3 विकेट से जीता. पंजाब की इस जीत के हीरो कूपर कोनोली रहे, जिन्होंने नाबाद 72 रनों की शानदार पारी खेली. हालांकि, इस मैच में गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर राहुल तेवतिया भी अपने बैट की वजह से लाइमलाइट में रहे. दरअसल, वॉशिंगटन सुंदर के आउट होने के बाद क्रिज पर राहुल तेवतिया बल्लेबाजी करने के लिए आए थे. तेवतिया ने स्ट्राइक भी नहीं ली थी और ऑन फील्ड अंपायर ने उनका बैट चेक किया और उनका बैट गेज टेस्ट में फेल हो गया. इसके बाद अंपायर ने राहुल को बल्ला चेंज करने के लिए कहा, जिसके कारण उन्हें बल्ला बदलना पड़ा.
बैट चेक करने का नियम साल 2025 से हुआ था लागू
आईपीएल 2025 से ऑफीशियल्स बल्ले के साइज को चैक करने के लिए बैट गेज टेस्ट का इस्तेमाल हो रहा है. बता दें कि बल्लेबाजों द्वारा मैदान पर इस्तेमाल होने वाला हर एक बैट चेक किया जाता है. दरअसल, मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब लॉ ऑफ क्रिकेट के लॉ 5 के अंतर्गत, बैट के किनारे 4 सेमी (1.56 इंच) से ज्यादा नहीं होने चाहिए. बल्ले की गहराई 6.7 सेमी (2.64 इंच) होनी चाहिए और बल्ले की चौड़ाई 10.8 सेमी (4.25 इंच) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
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पूर्व अंपायर अनिल चौधरी ने इस मामले पर दिया बयान
पूर्व अंपायर अनिल चौधरी ने इस पूरे मामले पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इसे आईपीएल 2025 में लागू किया गया था. अनिल ने ये भी कहा कि हर एक बैट चेक होता है. उन्होंने आगे कहा कि आमतौर पर फोर्थ अंपायर इसको देखते हैं, लेकिन अगर वो बिजी होते हैं या मैदान पर बल्ला बदला जाता है, तो फिर ऑन फील्ड अंपायर इसे चेक करते हैं. अनिल ने बताया कि पिछले साल शुरू हुए इस गाइडलाइन के तहत आईपीएल में प्लेइंग कंडीशन में सब बैट चेक होकर जाते हैं. साथ ही अनिल चौधरी ने इस नियम के शुरू होने की वजह के बारे में बताते हुए कहा कि पहले बहुत सारे बैट ऐसे भी देखे गए थे, जिनके साइज अलग थे. इसलिए इस नियम को बनाया गया.