तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रही भीषण जंग के बाद अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो अब तक ईरान को ‘पत्थर युग’ में भेजने की धमकियां दे रहे थे, अब पर्दे के पीछे से समझौते की जमीन तलाश रहे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपनी साख बचाने के लिए ट्रंप प्रशासन अब ईरान के साथ एक ‘महाडील’ करने को राजी हो गया है। हालांकि दुनिया के सामने ट्रंप सख्त तेवर दिखा रहे हैं, लेकिन पेंटागन से लेकर तेहरान तक बंद कमरों में गुप्त मुलाकातों का दौर शुरू हो चुका है।
क्या है ये ‘महाडील’ और लीक हुई सीक्रेट मीटिंग?‘एक्सियोस’ की एक सनसनीखेज रिपोर्ट में तीन अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐसे समझौते की तैयारी हो रही है, जो पूरी दुनिया की किस्मत बदल सकता है। ट्रंप प्रशासन अब न्यूक्लियर धमकियों को पीछे छोड़कर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को फिर से खुलवाने के लिए मेज पर आ गया है। व्हाइट हाउस के भीतर चल रही इन चर्चाओं का सबसे बड़ा मुद्दा ‘युद्धविराम’ (Ceasefire) है। सूत्रों का कहना है कि अमेरिका ने शर्त रखी है कि अगर ईरान दुनिया की इस ‘लाइफलाइन’ को मुक्त कर देता है, तो अमेरिका अपनी बमबारी तुरंत रोक देगा।
आज रात 9 बजे ट्रंप कर सकते हैं बड़ा ऐलानपूरी दुनिया की सांसें इस वक्त थमी हुई हैं क्योंकि भारतीय समयानुसार आज सुबह (और वहां के समय अनुसार रात 9 बजे) राष्ट्रपति ट्रंप देश को संबोधित करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस संबोधन में वह जंग खत्म करने का ऐतिहासिक ऐलान कर सकते हैं। हालांकि ओमान और कतर जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप खुद इस डील को फाइनल करने के लिए लगातार मीटिंग्स कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां इजरायल और सऊदी अरब जैसे सहयोगी चाहते हैं कि ईरान को और कुचला जाए, वहीं व्हाइट हाउस का एक धड़ा अब इस युद्ध से जल्द से जल्द बाहर निकलना चाहता है।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर दावा और ईरान का पलटवारट्रंप ने अपनी ‘इज्जत’ बचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक पोस्ट कर जताने की कोशिश की कि ईरान आत्मसमर्पण कर रहा है। उन्होंने लिखा, “ईरान के नए राष्ट्रपति ने युद्धविराम की गुहार लगाई है! हम इस पर तभी विचार करेंगे जब होर्मुज का रास्ता साफ होगा, वरना बमबारी जारी रहेगी।” हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें कोई सीजफायर नहीं चाहिए। लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और है; राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संकेत दिए हैं कि अगर हमलों के रुकने की गारंटी मिले, तो वे युद्ध खत्म करने को तैयार हैं।
सऊदी प्रिंस और यूएई से भी हुई लंबी बातएक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने इस महाडील को लेकर यूएई और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से भी लंबी बातचीत की है। ट्रंप ने सऊदी प्रिंस को संभावित सीजफायर और होर्मुज को खुलवाने की पूरी ब्रीफिंग दी है। यह बातचीत साफ इशारा कर रही है कि अमेरिका अब इस युद्ध को सम्मानजनक तरीके से खत्म करने के लिए ‘बैकडोर चैनल’ का इस्तेमाल कर रहा है।