एयरलाइंस को 60% सीटें मुफ्त देने का नियम फिलहाल टला
Tarunmitra April 03, 2026 10:42 AM

सरकार ने एयरलाइंस को 60 प्रतिशत सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह फैसला एविएशन इंडस्ट्री की आपत्तियों और किराया ढांचे पर संभावित असर को देखते हुए लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, एयरलाइंस कंपनियों ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई थी, जिसके बाद सरकार ने इस नियम को लागू करने से पहले इसके प्रभावों की व्यापक समीक्षा करने का निर्णय लिया है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को निर्देश दिया गया है कि वह 60 प्रतिशत फ्री सीट से जुड़े प्रावधान को अभी रोककर रखे, जबकि यात्रियों की सुविधा से जुड़े अन्य नियमों को लागू रखा जाए।

यात्रियों की सुविधा से जुड़े प्रावधान लागू रहेंगे
खबर के मुताबिक, सरकार का मानना है कि इस प्रस्ताव का असर एयरलाइंस के किराया ढांचे और बाजार की प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत में विमानन क्षेत्र का किराया निर्धारण पहले से ही उदारीकृत है। इस बीच, यात्रियों की सुविधा से जुड़े अन्य प्रावधान लागू रहेंगे, लेकिन फ्री सीट से जुड़ा नियम फिलहाल स्थगित रहेगा। सरकार इस प्रस्ताव पर सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लेगी।

वर्तमान व्यवस्था क्या थी?
इस आदेश से पहले एयरलाइंस में केवल 20 प्रतिशत सीटें ही फ्री में बुक की जा सकती थीं, जबकि बाकी सभी सीटों के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। सीट चयन शुल्क ₹200 से लेकर ₹2,100 तक था, जो सीट की पंक्ति और लेग रूम की उपलब्धता पर निर्भर करता था। ईरान में युद्ध के कारण एयरलाइनों की परिचालन लागत भी बढ़ गई है, जिससे एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
यात्रियों के लिए ये प्रावधान भी
नए नियम के तहत, एक यह प्रावधान भी है कि एक ही PNR पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बिठाया जाएगा। हो सके तो उन्हें आस-पास की सीटें दी जाएंगी। इससे परिवारों को अलग होने से बचाया जा सकेगा, खासकर उन परिवारों को जो बच्चों या बुज़ुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हैं। एयरलाइंस को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए, यात्रियों को स्पष्ट और यात्री-अनुकूल तरीके से खेल का सामान और वाद्य यंत्र ले जाने की अनुमति देने की भी बात की गई है।

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