रेल परिवहन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एक सुरक्षित यात्रा का साधन माना जाता है, लेकिन कभी-कभी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। यदि रेल की पटरियां क्षतिग्रस्त हों, तो ट्रेन के पलटने का खतरा रहता है। रेलवे कर्मचारी नियमित रूप से पटरियों की जांच करते हैं, लेकिन कभी-कभी यह संभव नहीं हो पाता।
यूपी के एटा जिले की एक ग्रामीण महिला ने एक ऐसी स्थिति का सामना किया, जिसने हजारों यात्रियों की जान बचाई। जब उसने टूटी हुई पटरी देखी, तो उसने तुरंत कार्रवाई की। यह घटना उस समय हुई जब ओमवती नाम की महिला अपने खेत की ओर जा रही थी।
ओमवती ने देखा कि कुलबा रेलवे हाल्ट के पास पटरी टूटी हुई थी। उसे पता था कि ट्रेन आने वाली है, और उसने तुरंत अपने घर जाकर लाल कपड़ा लाने का निर्णय लिया।
वापस लौटकर, उसने लाल कपड़ा पटरी के पास बांध दिया और ट्रेन का इंतजार करने लगी। जैसे ही एटा-टूंडला पैसेंजर ट्रेन की सीटी सुनाई दी, उसने अपनी साड़ी का लाल पल्लू भी लहराया।
ओमवती की सजगता ने काम किया। लोको पायलट ने उसकी ओर ध्यान दिया और तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन रुक गई और ओमवती ने लोको पायलट को टूटी पटरी दिखाकर स्थिति की गंभीरता बताई।
इस घटना के बाद, अधिकारियों को सूचित किया गया और आधे घंटे में पटरी को ठीक किया गया। ओमवती की सूझबूझ ने उसे सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध कर दिया है।