सुरक्षित निवेश या कम रिटर्न? PPF की बदलती हकीकत
TV9 Bharatvarsh April 05, 2026 08:43 PM

FY 2026-27 की शुरुआत के साथ ही निवेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करना जरूरी हो जाता है. खासतौर पर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसे पारंपरिक निवेश विकल्प को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह आज भी उतना ही फायदेमंद है जितना पहले माना जाता था.

सुरक्षा और टैक्स बचत की बड़ी खासियत

PPF को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना गया है, क्योंकि यह सरकार द्वारा समर्थित है. इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता और रिटर्न स्थिर रहता है. साथ ही, यह EEE कैटेगरी में आता है, यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी—तीनों पर टैक्स नहीं लगता. यही वजह है कि लंबे समय तक यह निवेशकों की पहली पसंद रहा है.

कंपाउंडिंग से धीरे-धीरे बनता है बड़ा फंड

PPF में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है, यानी हर साल मिलने वाला ब्याज आगे और ब्याज कमाता है. 15 साल की अवधि में यह एक अच्छा फंड तैयार कर सकता है. इसके बाद इसे 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाने का विकल्प भी मिलता है, जिससे निवेश और मजबूत हो सकता है.

महंगाई के मुकाबले रिटर्न सीमित

हालांकि PPF पर अभी करीब 7.1% का ब्याज मिल रहा है, लेकिन महंगाई दर भी लगभग इसी स्तर पर रहने से वास्तविक रिटर्न ज्यादा नहीं बचता. ऐसे में यह निवेश पैसा बढ़ाने से ज्यादा सुरक्षित रखने के लिए बेहतर माना जा रहा है.

लिक्विडिटी और निवेश सीमा बनी चुनौती

PPF में 15 साल का लॉक-इन होता है, जिससे जरूरत पड़ने पर पैसा निकालना आसान नहीं होता. साथ ही, इसमें सालाना अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही निवेश किए जा सकते हैं, जो कई निवेशकों के लिए कम साबित हो सकता है.

बदलती भूमिका में PPF

बाजार में अब म्यूचुअल फंड और SIP जैसे विकल्प मौजूद हैं, जो ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन जोखिम भी ज्यादा होता है. ऐसे में PPF अब एक बैलेंसिंग टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है. 2026 में PPF पूरी तरह अप्रासंगिक नहीं हुआ है, लेकिन इसकी भूमिका बदल गई है. बेहतर रणनीति यही है कि इसे अन्य निवेश विकल्पों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाए, ताकि सुरक्षा और बेहतर रिटर्न दोनों हासिल किए जा सकें.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.