Anuppur Building Collapse: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास अग्रवाल लॉज की तीन मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. इस दौरान बगल की किराने दुकान से सामान खरीद रहे और बिल्डिंग के नीचे काम कर रहे मजदूर सहित अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए. शनिवार शाम 5:30 बजे हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है. पिछले 23 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है, जिसमें NDRF की तीन राज्यों एमपी, यूपी, छत्तीसगढ़ की टीमें जुटी हुई हैं.
तीन जेसीबी की मदद से ढाई सौ से ज्यादा जवान रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. रेस्क्यू कर 7 लोगों को अब तक मलबे से बाहर निकाल लिया गया है, जिनमें से तीन लोगों के मौत की पुष्टि हुई है. बाकी चार लोगों का इलाज जारी है. रविवार सुबह से ही भिलाई और बनारस से आई NDRF की डॉग स्क्वॉड टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है. मलबे के नीचे दबे संभावित लोगों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है.

रेस्क्यू टीम के कप्तान पवन साहू के मुताबिक, मलबा बहुत ज्यादा है और पास में खोदे गए गहरे गड्ढे के कारण सर्चिंग में चुनौतियां आ रही हैं. प्रशासन तीन पोकलेन मशीनों से मलबा हटाने के साथ-साथ अंतराल पर डॉग स्क्वॉड को उतार रहा है, ताकि गहराई में दबे किसी भी व्यक्ति की लोकेशन मिल सके.
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आखिर क्या है पूरा घटनाक्रम
चश्मदीदों और शुरुआती प्रशासनिक जांच के अनुसार, लॉज की बिल्डिंग के बगल में एक निर्माण कार्य चल रहा था. इसके लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था. बताया जा रहा है कि इस गड्ढे में पानी भर जाने की वजह से लॉज की नींव कमजोर हो गई और पूरी इमारत उसी गड्ढे की ओर झुककर गिर गई. प्रशासन ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. एसपी मोतिउर रहमान के निर्देश पर लॉज मालिक लल्लू लाल अग्रवाल और जमीन मालिक राजीव गर्ग के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को अलग-अलग योजनाओं मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान, संबल योजना और रेडक्रॉस के जरिए कुल सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्पष्ट किया है कि शासन की तरफ से प्रत्येक मृतक के परिवार को 9-9 लाख रुपए और घायलों को 2.5-2.5 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी.
फिलहाल मौके पर मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्री दिलीप जायसवाल एवं प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार मौके पर मौजूद है, जो मुख्यमंत्री को पूरे घटनाक्रम से अवगत करा रहे हैं. इसके साथ ही शहडोल कमिश्नर सुरभि गुप्ता और आईजी चैत्रा एन, कलेक्टर एसपी और लोकल प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी मौजूद हैं और रेस्क्यू कार्य की निगरानी कर रही हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि जब तक भूतल की मिट्टी न दिख जाए मलबा हटाने का काम बंद नहीं होगा.