गुजरात में ईंधन-खाद का पर्याप्त स्टॉक, सरकार की अपील, न करें पैनिक बाइंग
Webdunia Hindi April 07, 2026 06:43 PM

Petrol Diesel stock Gujarat: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच गुजरात में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी होने की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैल रही हैं। हालांकि, अहमदाबाद में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में जीवन रक्षक और आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे घबराकर अनावश्यक खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की वर्तमान स्थिति

IOC के नोडल अधिकारी संजीब बेहरा ने बताया कि गुजरात में वर्तमान में 6688 पेट्रोल पंप, 16 स्टोरेज डिपो और 11 LPG बॉटलिंग प्लांट पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की स्थिति नहीं है। कल ही राज्य में 2.43 लाख से अधिक गैस सिलेंडरों की सफलतापूर्वक डिलीवरी की गई है, जो दर्शाता है कि आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केरोसिन वितरण की विशेष व्यवस्था

राज्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने और रोशनी के लिए केरोसिन आवंटित करने की घोषणा की है। केंद्र सरकार से गुजरात को 1452 किलो लीटर केरोसिन का विशेष कोटा मिला है। प्रत्येक जिले को 36 किलो लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है, जिसकी कीमत 61.40 से 66.14 रुपए प्रति लीटर होगी। बड़े परिवारों को 5 लीटर और संस्थानों को 25 लीटर तक केरोसिन प्रत्येक तहसील के निर्धारित पेट्रोल पंपों से प्राप्त होगा।

किसानों के लिए उर्वरक (खाद) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक नितिन शुक्ला ने किसानों को आश्वासन दिया है कि राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 1.87 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 0.45 लाख मीट्रिक टन DAP और 1.80 लाख मीट्रिक टन NPK खाद का स्टॉक जमा है। अप्रैल महीने के लिए भारत सरकार द्वारा अतिरिक्त खाद का आवंटन भी कर दिया गया है, जिसमें से 20,000 मीट्रिक टन आपूर्ति राज्य में पहुँच चुकी है।

कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार की सख्त कार्रवाई

ईंधन या खाद की कमी का कोई गलत फायदा न उठाए, इसके लिए सरकार सतर्क है। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए राज्य भर में अब तक 2451 स्थानों पर छापेमारी की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 24 गैस वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उर्वरक वितरण पर नजर रखने के लिए विशेष सतर्कता (Vigilance) टीमें भी तैनात की गई हैं।

ग्राहकों के लिए हेल्पलाइन और सावधानी के निर्देश

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी गलत सूचना के प्रभाव में आकर पेट्रोल पंपों या गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें न लगाएं। यदि किसी उपभोक्ता को आपूर्ति के संबंध में कोई शिकायत है या कालाबाजारी का संदेह है, तो वे सरकार के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 233 0222 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala

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