खर्ग आइलैंड और ईरान के कई महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक बेहद चौंकाने वाला पोस्ट साझा किया है। ट्रंप ने लिखा, “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा।”
ट्रंप ने आगे लिखा कि अब जब सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट है और अधिक समझदार व कम कट्टर सोच वाले लोग सामने आ रहे हैं, तो शायद कुछ क्रांतिकारी हो सकता है। उन्होंने इस रात को दुनिया के जटिल इतिहास के सबसे अहम पलों में से एक बताया और कहा कि 47 सालों का भ्रष्टाचार और मौत का सिलसिला अब खत्म होने वाला है।
खर्ग आइलैंड पर अमेरिका का भीषण प्रहारइससे पहले, ट्रंप द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के खत्म होने से पहले ही मंगलवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर भीषण हमला कर दिया। यह द्वीप रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फारस की खाड़ी में कुवैत और सऊदी अरब के अमेरिकी सैन्य ठिकानों के ठीक सामने है। ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए यह द्वीप रीढ़ की हड्डी जैसा है, क्योंकि देश का लगभग 90% तेल निर्यात इसी रास्ते से होता है। इस हमले ने ईरान की कमर तोड़ दी है।
ईरान के पुल और बुनियादी ढांचे हुए लहुलुहानईरान के भीतर भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। देश के कई महत्वपूर्ण पुलों पर हमले हुए हैं, जिससे यातायात और रसद पूरी तरह ठप हो गई है। ‘नूर न्यूज’ के मुताबिक, इस्फहान प्रांत के काशान में एक रेलवे पुल पर हुए हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। इसके अलावा, तबरीज-जेजन फ्रीवे और करज स्थित रेलवे लाइन को भी निशाना बनाया गया है। तेहरान के पास कोम इलाके में भी एक अहम पुल को ध्वस्त कर दिया गया है।
इजरायली सेना की ‘लार्जर स्केल’ कार्रवाईइस बीच, इजरायली सेना ने भी पुष्टि की है कि उसने पूरे ईरान में दर्जनों बुनियादी ढांचा स्थलों को निशाना बनाते हुए एक बड़े पैमाने की लहर (Wave of attacks) को अंजाम दिया है। हालांकि इजरायल ने विशेष रूप से पुलों के नाम नहीं लिए हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह हमला ईरान की ताकत को कुचलने के लिए किया गया है। सेना ने कहा है कि इस ऑपरेशन के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।