विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव मनीष आर जोशी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. आयोग ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है. यह मामला समता विनियम 2026 से जुड़े विवाद के बाद सामने आया. हालांकि मनीष आर जोशी ने इस्तीफे की वजह निजी कारण बताई है. जोशी ने समता विनियम 2026 से जुड़ा आधिकारिक संदेश बिना सरकारी मंजूरी के जारी कर दिया था. यह विषय काफी संवेदनशील माना जा रहा था और सरकार अभी इसके मसौदे पर विचार कर रही थी. ऐसे में बिना चर्चा के इसे सार्वजनिक करना विवाद का कारण बन गया. इस कदम से सरकार असहज हुई और मामला तेजी से तूल पकड़ गया.
इस विवाद के बाद प्रोफेसर जोशी को समर्थन नहीं मिल पाया. बताया जा रहा है कि सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी इस मामले में उनसे दूरी बना ली. इससे उनकी स्थिति और कमजोर हो गई. भले ही मामला धीरे-धीरे शांत हो गया, लेकिन इसका असर बना रहा, जो आखिरकार उनके इस्तीफे के रूप में सामने आया.
प्रोफेसर जोशी ने इस्तीफे की क्या वजह बताई?प्रोफेसर जोशी ने अपने इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया है. जोशी का कार्यकाल फरवरी 2028 तक था, लेकिन उन्होंने समय से पहले ही पद छोड़ दिया. 11 अप्रैल को उनका अंतिम कार्यदिवस माना जा रहा है. इसके बाद वो अवकाश पर रहेंगे और 25 अप्रैल को औपचारिक रूप से कार्यमुक्त कर दिए जाएंगे. उनकी जगह फिलहाल प्रोफेसर श्यामा रथ को कार्यवाहक सचिव बनाया गया है.
शिक्षा व्यवस्था में बढ़ा नेतृत्व संकटइस घटनाक्रम के बाद उच्च शिक्षा क्षेत्र में नेतृत्व की कमी साफ नजर आ रही है. पहले से ही तकनीकी शिक्षा परिषद बिना स्थायी अध्यक्ष के काम कर रही है. अब यूजीसी में भी स्थायी सचिव और अध्यक्ष का अभाव हो गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.
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