इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक ललित मोदी ने कहा कि आईपीएल सिर्फ नए खिलाड़ियों को ढूंढता ही नहीं, बल्कि उन्हें दुनिया के सामने खुद को साबित करने का मौका भी देता है।
उन्होंने कहा कि आईपीएल को एक ऐसे सिस्टम के तौर पर सोचा गया था जो उभरते हुए टैलेंट को लंबे घरेलू सफर के बजाए सबसे ऊंचे स्तर पर दबाव में खुद को साबित करने पर मजबूर करे। ललित मोदी ने #39;आईएएनएस#39; के साथ बात करते हुए कहा, इंडियन प्रीमियर लीग का मकसद कभी भी क्रिकेट के पारंपरिक रास्तों पर चलना नहीं थाmdash;इसे उन रास्तों को बदलने के लिए बनाया गया था। पहले दिन से ही, आइडिया सीधा सा था -महानता को खोजने के लिए सालों इंतजार करना बंद करो और इसके बजाय उसे सबसे चमकदार रोशनी में दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों के सामने खुद को जाहिर करने पर मजबूर करो। आज हम वैभव सूर्यवंशी, मुकुल चौधरी जैसे खिलाड़ियों और निडर युवा क्रिकेटरों की लगातार आती लहर में जो देख रहे हैं, वह कोई विकास नहीं हैmdash;यह वही बदलाव है जो बिल्कुल वैसा ही हो रहा है जैसा सोचा गया था।
ये उभरते हुए खिलाड़ी खेल का चेहरा बदल चुके हैं और निडर होकर खेल रहे हैं, भले ही दूसरी तरफ उन्हें खेल के कुछ सबसे बेहतरीन क्रिकेटरों और दिग्गजों का सामना करना पड़ रहा हो। लीग ने टैलेंट की खोज के तरीके को कैसे बदला है इस पर विस्तार से बताते हुए मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ी अब कितनी तेजी से गुमनामी से शोहरत की ओर बढ़ सकते हैं।
आईपीएल ने वह कर दिखाया है जो उससे पहले कोई भी सिस्टम नहीं कर पाया था। इसने समय की दूरी को खत्म कर दिया है। एक खिलाड़ी जो कभी गुमनामी में पांच साल बिताता था, उसे अब खुद को साबित करने के लिए पांच मैच मिलते हैं। अगर वह अच्छा प्रदर्शन कर पाता है, तो पूरी दुनिया रातों-रात उसका नाम जान जाती है। मुकुल चौधरी धीरे-धीरे सामने नहीं आएmdash;वह अचानक से सबकी नजरों में छा गए। वैभव ने खेल के दांव-पेंच नहीं सीखेmdash; वह सीधे मैदान में उतरे और अपनी बल्लेबाजी से धाक जमा ली। यह पीढ़ी इजाजत नहीं मांग रही है। वे तो बस अपना हक ले रहे हैं। यही है आईपीएल का असर।
ये उभरते हुए खिलाड़ी खेल का चेहरा बदल चुके हैं और निडर होकर खेल रहे हैं, भले ही दूसरी तरफ उन्हें खेल के कुछ सबसे बेहतरीन क्रिकेटरों और दिग्गजों का सामना करना पड़ रहा हो। लीग ने टैलेंट की खोज के तरीके को कैसे बदला है इस पर विस्तार से बताते हुए मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ी अब कितनी तेजी से गुमनामी से शोहरत की ओर बढ़ सकते हैं।
Also Read: LIVE Cricket Scoreमोदी ने यह भी कहा कि आईपीएल ने क्रिकेट में मौजूद ऊंच-नीच और पुराने सिस्टम को तोड़ दिया है। अब किसी खिलाड़ी का नाम, शहर या बैकग्राउंड मायने नहीं रखता। अगर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है, तो वह तेजी से आगे बढ़ सकता है। छोटे शहरों के युवा खिलाड़ी भी अब बड़े मंच पर खेलकर सुर्खियों में आ रहे हैं।
Article Source: IANS