दरअसल, हेल्दी और फिट रहने के लिए पाचन का एक्टिव रहना भी बहुत ही जरूरी है, लेकिन सर्दियों के मौसम में अधिकतर लोग पानी कम पीते हैं, जिससे पेट जुड़ी यह समस्या और बढ़ जाती है. पेट फूलना, भूख न लगना या लगातार थकान इसके कुछ शुरुआती संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर, आप भी पेट से जुड़ी समस्या से परेशान हैं और सुबह सही से पेट साफ नहीं होता तो आपके लिए अरंडी का तेल बहुत असरदार साबित हो सकता है.
आयुर्वेद के अनुसार, अरंडी का तेल आंतों की हेल्थ के लिए मददगार होता है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल और सही समय करना जरूरी है. अरंडी का तेल शरीर में जमा गंदगी को आसानी से साफ करने के लिए बहुत उपयोगी है. यह तेल पेट को हल्का रखने के लिए जाना जाता है और इसका इस्तेमाल कई सालों से होता आ रहा है. चलिए आपको बताते हैं अरंडी का तेल कैसे इस्तेमाल करें.
पाचन तंत्र मजबूत
पाचन तंत्र का एक्टिव रहना सिर्फ खाने को पचाना ही नहीं होता, बल्कि आपके द्वारा खाए गए भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करना भी है. यह उपाय पेट के रसों की क्रियाशीलता में सुधार करता है. गैस, एसिडिटी या अपच की शिकायत कम महसूस होती है. आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में जमा गंदगी और विषाक्त पदार्थों यानी टॉक्सिन को बाहर निकालना जरूरी है. जब शरीर साफ रहता है, तो चेहरा भी तरोताजा दिखने लगता है और त्वचा की बनावट में सुधार और भूख अच्छी होती है.
कैसे करें अरंडी के तेल का इस्तेमाल
अरंडी का तेल कब्ज दूर करने में बेहद कारगर है. अरंडी का तेल आंतों की सफाई और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में बेहद कारगर है. अरंडी के तेल के सेवन सुबह उठने के बाद गर्म पानी या गर्म दूध के साथ लेना ज्यादा असरदार हो सकता है. एक समय में 2 से 3 चम्मच तेल पर्याप्त माना जाता है और इसे लेने के 3 से 5 घंटे के अंदर पेट प्राकृतिक रूप से साफ हो जाता है. इसे रात में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ सकता है. इसके अलावा इसे हफ्ते में एक बार या महीने में दो बार ही लेना सही है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.