दिल्ली EV Policy 2028: पेट्रोल-डीजल वाहनों पर रोक, सिर्फ Electric का राज? जानें पूरा प्लान
एबीपी ऑटो डेस्क April 13, 2026 02:42 PM

Delhi EV Policy 2026:  दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार एक नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लाने जा रही है. इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य है कि शहर में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को धीरे-धीरे कम किया जाए और उनकी जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया जाए. दिल्ली सरकार चाहती है कि आने वाले समय में राजधानी पूरी तरह से साफ और प्रदूषण मुक्त बने.

नई EV पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे जनता की राय के लिए 30 दिनों के लिए जारी किया गया है. अगर यह पॉलिसी लागू होती है, तो दिल्ली में गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण काफी हद तक कम हो सकता है. सरकार का मानना है कि शहर में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहन ही हैं, इसलिए इस दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. आइए विस्तार से जानते हैं.

2027 और 2028 से क्या-क्या होगा बंद?

इस नई पॉलिसी में पेट्रोल, डीजल और CNG वाहनों को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि साल 2027 से दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले थ्री-व्हीलर यानी ऑटो या टेंपो का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा. इसका मतलब है कि 2027 के बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही नए रजिस्ट्रेशन के लिए मान्य होंगे. इसके बाद साल 2028 से दोपहिया वाहनों पर भी बड़ा असर पड़ेगा. 2028 से पेट्रोल और डीजल से चलने वाली नई बाइक और स्कूटर का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा. यानी अगर यह नियम लागू होता है, तो लोगों को नई बाइक खरीदते समय सिर्फ इलेक्ट्रिक विकल्प ही चुनना होगा. इससे धीरे-धीरे सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ेगी.

सरकारी गाड़ियां और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बदलाव

सरकार ने इस पॉलिसी में खुद से शुरुआत करने का फैसला किया है. अब सरकारी विभागों में कोई भी नई पेट्रोल या डीजल गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी. धीरे-धीरे सभी सरकारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा. इससे एक अच्छा उदाहरण भी सेट होगा और बाकी लोग भी EV अपनाने के लिए इंस्पायर्ड होंगे. पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी बदलाव किया जाएगा. बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा. इसके अलावा स्कूलों को भी इस दिशा में कदम उठाने के लिए कहा गया है. नई पॉलिसी के अनुसार, साल 2030 तक स्कूलों की कम से कम 30% बसें इलेक्ट्रिक होनी चाहिए.

EV खरीदने पर मिलेगी भारी सब्सिडी

लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए इंस्पायर्ड करने के लिए सरकार ने कई तरह की सब्सिडी देने की योजना बनाई है. अगर आप इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते हैं जिसकी कीमत 2.5 लाख रुपये तक है, तो पहले साल में आपको 30,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. यह सब्सिडी तीन साल तक अलग-अलग तरीके से दी जाएगी. इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए भी फायदा है. पहली 10,000 इलेक्ट्रिक कारों पर 50,000 रुपये की सीधी सब्सिडी दी जाएगी. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति 30 लाख रुपये तक की हाइब्रिड कार खरीदता है, तो उसे रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट मिल सकती है.

दिल्ली को EV हब बनाने की तैयारी

इस पूरी पॉलिसी का मकसद सिर्फ प्रदूषण कम करना ही नहीं है, बल्कि दिल्ली को देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक व्हीकल हब बनाना भी है. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं, जिससे हवा साफ हो और लोगों की सेहत भी बेहतर रहे. अगर यह पॉलिसी लागू होती है, तो आने वाले कुछ सालों में दिल्ली की सड़कों पर पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा दिखेंगे. इससे न सिर्फ पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि लोगों का खर्च भी कम होगा क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों का मेंटेनेंस और चलाने का खर्च कम होता है.

यह भी पढ़ेंः भारत में बदला ट्रेंड! CNG कारों की डिमांड हाई, EV की रफ्तार तेज, जानें पेट्रोल-डीजल का हाल

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.