क्या युवाओं में लग रही जॉम्बी ड्रग की लत, जानिए कितना खतरनाक है ये ट्रेंड, क्या कहते हैं डॉक्टर्स?
Webdunia Hindi April 15, 2026 07:43 PM

International Day Against Drugs


भोपाल से गोवा गए यहां का एक 24 साल युवक जब वापस लौटा तो उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे कुछ दिनों से बेचैनी और घबराहट की शिकायत हो रही थी। वो चिड़चिढ़ा भी होने के साथ हिंसक भी हो रहा था। इतना ही नहीं वो बार-बार गोवा जाने की जिद करने लगा और जब परिजनों ने मना किया तो उनके साथ भी मारपीट करने की कोशिश की। परेशान माता-पिता ने डॉक्टर से बात की तो उन्होंने मनोचिकित्सक के पास जाने की सलाह दी।

यह भोपाल का वो केस है जिसमें दावा किया जा रहा है कि गोवा में उसने जॉम्बी ड्रग का सेवन किया था। जब उसे भोपाल में यह ड्रग नहीं मिला तो उसे तमाम तरह की दिक्कतें होने लगी। डॉक्टर के सामने उसने खुलासा किया कि गोवा में एक खास तरह के ड्रग का सेवन किया था। उसे जॉम्बी ड्रग कहा जाता है। बताया जा रहा है कि इंदौर समेत दूसरे शहरों में भी इसी तरह के मामले आ रहे हैं जो काउंसलिंग के लिए मनोचिकित्सक के पास पहुंच रहे हैं।

भोपाल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने वेबदुनिया को बताया कि भोपाल में एक मामला सामने आया था। जो बाद में मेरे पास काउंसलिंग के लिए आया था। उन्होंने बताया कि आमतौर पर ये हेरोइन के साथ लिया जाता है। इस मामले में युवक ने गोवा में जो ड्रग लिया था वह जॉम्बी ड्रग हो सकता है। हमारे पास वह इसके साइड इफेक्ट जैसे व्यवहार में बदलाव और एंजायटी के कारण आया था। उसने बताया कि उसने दोस्तों के साथ यह ड्रग लिया था।

हेल्थ के लिए बहुत खतरनाक है : इंदौर के मनोचिकित्सक डॉ वीएस पॉल ने बताया कि जो अब तक मेरी जानकारी में आया है, उसमें ट्रंकुलाइज ड्रग का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह आमतौर पर जानवर और मानव को बेहोश करने, या शिथिल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसकी उपलब्धता आसान नहीं है। इसके किसी भी तरह के सेवन से लंबे मानसिक क्षमता कम हो जाती है। एग्रेसन आता है। अनैतिक और क्रिमिनल एक्टिविटी में जा सकता है सेवन करने वाला। वाहन चलाते समय हादसा हो सकता है।

मनोचिकित्सक डॉ रामगुलाम राजदान ने बताया कि ऐसा जॉम्बी को लेकर कोई मामला उनके पास नहीं आया, लेकिन दूसरे ड्रग लेने के बाद लोग काउंसलिंग के लिए उनके पास आ रहे हैं और वे उन्हें सलाह दे रहे हैं।

उपयोग शेर , बाघ, घोड़े, गाय के लिए : (ट्रंकुलाइज) जाइलेजिन मूल रूप से पशुओं को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग शेर, बाघ, घोड़े, गाय जैसे बड़े जानवरों के इलाज या सर्जरी के दौरान किया जाता है। इंसानों के लिए यह दवा सुरक्षित नहीं मानी जाती।

क्या है ट्रंकुलाइज करने की दवा , कैसे काम करती है : जॉम्बी ड्रग कोई आधिकारिक नाम नहीं, बल्कि एक खतरनाक नशे के लिए इस्तेमाल होने वाला आम शब्द है। इस ड्रग में जाइलेजीन नामक केमिकल को किसी अन्य ड्रग के साथ लिया जाता है। जाइलेजीन का उपयोग आमतौर पर जानवरों को ट्रंकुलाइज करने के लिए किया जाता है। इसके सेवन से व्यक्ति घंटों एक ही जगह स्थिर हो जाता है। यह ड्रग शरीर और दिमाग को इस कदर धीमा कर देता है कि व्यक्ति की प्रतिक्रिया क्षमता लगभग खत्म हो जाती है। हाल ही में ऐसे वीडियो सोशल मीडिया में देखने को मिले हैं, हालांकि वेबदुनिया इन वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

कैसे करता है दिमाग पर असर : यह ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर जैसे नोरएपिनेफ्रिन, सिरोटोटिन और डोपामिन को अनियंत्रित कर देता है। इससे दिमाग की गतिविधियां धीमी हो जाती हैं, व्यक्ति सुस्त और भ्रमित हो जाता है। व्यक्ति अर्ध-बेहोशी या बेहोशी की स्थिति में चला जाता है। लंबे समय तक उपयोग से याददाश्त कमजोर हो जाती है और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। विदेशों में इसके इस्तेमाल की खबरे आती हैं। इसे इसे इंजेक्शन, पाउडर या लिक्विड रूप में लिया जा सकता है। कई मामलों में इसे अन्य नशे जैसे फेंटानिल या हेरोइन के साथ मिलाकर लिया जाता है, ताकि इसका असर ज्यादा समय तक और तेज बना रहे।

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो : बता दें कि सोशल मीडिया में ऐसे कई वीडियों हैं जिनमें युवा नशे की हालत में नजर आ रहे हैं, हालांकि वे किस तरह के नशे में है और वीडियो कितनी सही है इसकी पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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