Nashik News: महाराष्ट्र के नासिक में एक कथित धर्म परिवर्तन रैकेट की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। TCS की नासिक शाखा की HR हेड, निदा खान, फरार हैं। उन्हें पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जब से उनका नाम आरोपी नंबर-8 के रूप में सामने आया है, उनकी तलाश तेज कर दी गई है, लेकिन वह अब तक गिरफ्त से बाहर हैं।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, निदा खान को इस नेटवर्क में ‘लेडी कैप्टन’ के रूप में देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि वह TCS के भीतर एक सक्रिय महिला नेटवर्क का संचालन करती थीं और नई महिलाओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं।
जानकारी के अनुसार, उनका कार्य महिलाओं से संपर्क स्थापित करना और उन्हें विश्वास में लेना था। उन पर आरोप है कि वह दोस्ती और सहानुभूति के माध्यम से पहले नजदीकियां बढ़ाती थीं, फिर धीरे-धीरे उन्हें धार्मिक प्रक्रियाओं जैसे नमाज, कलमा और हिजाब से परिचित कराती थीं। यह प्रक्रिया इतनी व्यवस्थित थी कि शुरुआत में किसी प्रकार के दबाव का आभास नहीं होता था।
सूत्रों का कहना है कि निदा खान केवल एक सदस्य नहीं थीं, बल्कि एक संगठित ‘महिला विंग’ बनाने में लगी थीं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस नेटवर्क के माध्यम से महिलाओं को मानसिक रूप से प्रभावित कर किसी विशेष विचारधारा की ओर मोड़ा जा रहा था।
निदा खान का संबंध भिवंडी क्षेत्र से बताया जा रहा है। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर कई बार छापेमारी की, लेकिन हर बार वह हाथ नहीं लगीं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने इस साल जनवरी में ही कंपनी छोड़ दी थी, जिसके बाद से उनका कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।
उनका मोबाइल फोन लगातार बंद या नेटवर्क से बाहर बताया जा रहा है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह अंडरग्राउंड हो चुकी हैं। नासिक पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि निदा खान की गिरफ्तारी इस मामले में कई महत्वपूर्ण परतों को उजागर कर सकती है और नेटवर्क की असली संरचना सामने ला सकती है।