हुंडई भारत में तेजी से बढ़ते SUV मार्केट को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा प्लान बना रही है. कंपनी आने वाले 5 सालों में कुल 26 नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. इनमें नई जनरेशन की कारें, नए SUV मॉडल, एक ऑफ-रोड SUV और एक MPV भी शामिल होंगे. सबसे खास बात ये है कि अब हुंडई हाइब्रिड सेगमेंट में भी एंट्री करने जा रही है. कंपनी का टारगेट है कि ग्राहकों को बेहतर माइलेज और कम प्रदूषण वाली गाड़ियां दी जाएं, जिससे भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके.
हुंडई अपनी हाइब्रिड कारों की शुरुआत 2027 में नई जनरेशन Creta से करेगी. यह कंपनी की भारत में पहली हाइब्रिड SUV होगी. माना जा रहा है कि इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ हाइब्रिड टेक्नोलॉजी दी जाएगी. इससे कार का माइलेज बेहतर होगा और ड्राइविंग भी स्मूद होगी. Creta पहले से ही भारत में काफी पॉपुलर है, ऐसे में इसका हाइब्रिड वर्जन ग्राहकों के बीच काफी पसंद किया जा सकता है. यह SUV खासतौर पर उन लोगों के लिए होगी जो पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों का फायदा एक साथ चाहते हैं.
हुंडई की आने वाली Ni1i एक नई 7-सीटर SUV होगी, जो Alcazar और Tucson के बीच में पोजिशन की जाएगी. यह SUV सीधे तौर पर Mahindra XUV700, Tata Safari और MG Hector Plus जैसी गाड़ियों को टक्कर देगी. इसमें भी हाइब्रिड इंजन दिया जा सकता है. माना जा रहा है कि यह SUV Hyundai Tucson के लंबे वर्जन पर बेस्ड हो सकती है. इसमें मॉडर्न फीचर्स, बड़ा केबिन और आरामदायक सीटिंग मिलने की उम्मीद है.
Hyundai Palisade कंपनी की फ्लैगशिप SUV है, जो पहले से ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध है. भारत में इसे प्रीमियम सेगमेंट में लॉन्च किया जाएगा. इसमें 2.5 लीटर टर्बो पेट्रोल हाइब्रिड इंजन दिया जाएगा, जो लगभग 334bhp की पावर और 460Nm का टॉर्क जनरेट करेगा. यह SUV 7-सीटर और 8-सीटर दोनों ऑप्शन में आ सकती है. इसका माइलेज करीब 14.1 किमी प्रति लीटर बताया जा रहा है और इसकी ड्राइविंग रेंज 1000 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है. यह SUV उन लोगों के लिए होगी जो लग्जरी, पावर और नई टेक्नोलॉजी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन चाहते हैं.
हुंडई की इन नई हाइब्रिड SUV में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और फीचर्स देखने को मिलेंगे. इनमें ADAS, बड़ी टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पैनोरमिक सनरूफ और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं. हाइब्रिड सिस्टम की वजह से ये गाड़ियां कम फ्यूल खर्च करेंगी और पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचाएंगी. कंपनी का यह कदम दिखाता है कि वह भविष्य की टेक्नोलॉजी और ग्राहकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है.