ईरान- यूएस में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने 12,980 करोड़ रुपये के भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल को मंजूरी दे दी है. ये फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब आज ही होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान द्वारा भारतीय जहाजों पर फायरिंग की खबर सामने आई हैं, जिससे समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
भारतीय वित्त मंत्रालय ने अपने ऑफिशियल x (ट्विटर) हैंडल से एक ट्वूट कर इस बारे में जानकारी दी है. इस पोस्ट में लिखा गया है, 'कैबिनेट ने 'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' (BMIP) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके लिए सरकार लगभग 12,980 करोड़ रुपये की गारंटी देगी, ताकि जहाजों को लगातार बीमा सुरक्षा मिलती रहे.' आगे लिखा गया, 'ये घरेलू इंश्योरेंस पूल दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता और देशों के बीच तनाव जैसी स्थितियों से निपटने में मदद करता है और भारतीय जहाजों को विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भर रहने की जरूरत को कम करता है.'
✅ Cabinet has approved the proposal for creation of ‘Bharat Maritime Insurance Pool’ (BMIP) with a sovereign guarantee of Rs 12,980 crores to facilitate continuous maritime insurance coverages
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) April 18, 2026
✅The Domestic Insurance Pool addresses global volatility, geopolitical instability… pic.twitter.com/xMz5kZWRKU
इस पोस्ट में आगे लिखा गया है, 'ये इंश्योरेंस पूल समुद्र से जुड़े सभी तरह के जोखिमों को कवर करता है, जैसे जहाज (हुल और मशीनरी), माल (कार्गो), जहाज मालिक की जिम्मेदारी (P&I) और युद्ध से जुड़े खतरे. यह उन जहाजों को भी सुरक्षा देता है जो दुनिया के किसी भी देश से सामान लेकर भारत आ रहे होते हैं, चाहे उन्हें रास्ते में किसी संवेदनशील या जोखिम भरे समुद्री इलाके से ही क्यों न गुजरना पड़े.'
जरूरी था ये फैसला
इस योजना के तहत भारतीय जहाजों को कम प्रीमियम पर बीमा कवर मिलेगा. अगर किसी जहाज को युद्ध या संघर्ष के कारण नुकसान होता है, तो इस फंड से मुआवजा दिया जाएगा. इससे शिपिंग कंपनियों का जोखिम कम होगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना रुकावट जारी रह सकेगा. होर्मुज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए ये फैसला बेहद अहम माना जा रहा है. भारतीय अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा समुद्री व्यापार पर निर्भर है, और ऐसे में जहाजों की सुरक्षा का ख्याल रखना सबसे महत्वपूर्ण कदम है.