- सरकार का लक्ष्य, कोई भी पात्र महिला योजना से न रहे वंचित
- महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार
- चार किस्तों में विधवा महिलाओं को मिल रही सहायता
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 40.32 लाख से अधिक विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
4 किस्तों में विधवा महिलाओं को मिल रही सहायता प्रदेश की योगी सरकार इस योजना के जरिए उन महिलाओं तक सीधी मदद पहुंचा रही है, जिनके सामने पति के निधन के बाद आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश की कुल 40,32,629 महिलाओं को लाभ मिला है। यह पेंशन सालभर में चार किस्तों में जारी की जाती है, जिसमें हर तीन महीने की राशि एक साथ दी जाती है। इसमें अप्रैल-मई-जून, जुलाई-अगस्त-सितंबर, अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर और जनवरी-फरवरी-मार्च की किस्तें शामिल हैं।
ALSO READ: होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी करेंगे समीक्षा बैठक
साल 2021 में विधवा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सहायता राशि को 500 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया था। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में PFMS के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।ALSO READ: महिला अधिकार के लिए सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विपक्ष के विश्वासघात के खिलाफ 'जन आक्रोश पदयात्रा' में हुए शामिल
कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित ना रहे योजना के तहत सिर्फ वही महिलाएं पात्र हैं जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों। साथ ही जिनके पति का निधन हो चुका हो, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से कम हो उन्हें ही लाभ मिल सकता है। इस संबंध में महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
ALSO READ: गारबेटा में ‘योगी-योगी’ के नारे: हजारों की भीड़, ममता सरकार पर CM योगी का तीखा हमला
सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करती है।