मेधा शंकर का विशेष साक्षात्कार: फिल्म '12th फेल' की सफलता के बाद, मेधा अब 'गिन्नी वेड्स सनी 2' के माध्यम से दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार हैं। श्रद्धा के गंभीर किरदार के बाद, मेधा अब एक चुलबुले अंदाज में नजर आएंगी। टीवी9 हिंदी डिजिटल के साथ बातचीत में, मेधा ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म को क्यों चुना और शाहरुख खान से पहली बार मिलने पर उनका क्या हाल हुआ था।
सवाल: '12th फेल' की 'श्रद्धा' से 'गिन्नी वेड्स सनी 2' की 'गिन्नी' तक का सफर कैसा रहा?
मेधा शंकर का जवाब: जैसे ही मैंने स्क्रिप्ट सुनी, मैं इस फिल्म के लिए तैयार हो गई। दरअसल, मैंने नरेशन के दौरान इतनी हंसी नहीं की थी, जितनी इस फिल्म की कहानी सुनकर हुई। यह कहानी मुझे बहुत रिलेटेबल लगी। आजकल शादियों में जो ड्रामा होता है, घरवालों की बातें और मासूमियत, सब कुछ इस फिल्म में है।
मेधा का जवाब: हां, मेरे मन में यह बात थी। जब आपकी पहली फिल्म को इतना प्यार मिलता है, तो फैंस चाहते हैं कि आप वैसी ही रहें। लेकिन मुझे लगा कि धीरे-धीरे इमेज बदलना जरूरी है। हालांकि, फिल्म चुनने की पहली वजह यह नहीं थी, मैंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट और उसकी सादगी देखकर ही हां कहा था।
मेधा का जवाब: मुझे मजबूत व्यक्तित्व बहुत पसंद है। मुझे ऐसा इंसान चाहिए जो मुश्किल समय में घबराए नहीं और मजबूती से खड़ा रहे। मुझे 'इमोशनल इमैच्योरिटी' बिल्कुल पसंद नहीं है।
मेधा का जवाब: मैं निश्चित रूप से बदलाव की मांग करूंगी! मुझे लगता है कि एक रिश्ते में बातचीत बहुत जरूरी है। अगर कोई समस्या है, तो उसे बैठकर सुलझाना चाहिए।
मेधा का जवाब: मैं अविनाश की बहुत बड़ी फैन हूं, खासकर उनकी फिल्म 'लैला मजनू' की। मैंने वह फिल्म खाली थिएटर में बैठकर दो बार देखी है। जब मुझे पता चला कि इस फिल्म में अविनाश हैं, तो मेरी 'हां' कहने की एक बड़ी वजह वह भी थे। वह बहुत समझदार अभिनेता हैं।
मेधा का जवाब: मुझे बारात का डांस और संगीत बहुत पसंद है। संगीत में जब लोग थोड़े 'आउट ऑफ कैरेक्टर' होकर नाचते हैं, तो बड़ा मजा आता है। इसके अलावा, जूते चुराई की रस्म! मेरी बहुत सारी बहनें हैं और हमने शादियों में जूते चुराकर बहुत पैसे कमाए हैं।
मेधा का जवाब: मैं आमतौर पर सितारों को देखकर ज्यादा उत्साहित नहीं होती, लेकिन शाहरुख खान सर के साथ ऐसा हुआ था। एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान जब वह स्टेज पर परफॉर्म कर रहे थे, मैं उन्हें दूर से देख रही थी। वह मुझसे काफी दूर थे और मेरी उनसे बात भी नहीं हुई थी, लेकिन उन्हें वहां खड़ा देख मुझे लगा कि 'बस, यही वो पल है'। उनकी मौजूदगी में कुछ अलग ही जादू है।