उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के करंडा इलाके में एक नाबालिग बेटी का बलात्कार और फिर हत्या के बाद शव गंगा नदी में फेंकने का मामला सामने आया था. आज समाजवादी पार्टी का डेलिगेशन नाबालिक बेटी की मौत के बाद परिवार से मिलने और उन्हें आर्थिक मदद करने के लिए पहुंचा था. इस दौरान समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन पर पथराव किया गया. डेलिगेशन को गांव के रास्ते में ही रोकने का प्रयास किया गया. इस दौरानन धरना पर बैठने और पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान हंगामा भी देखने को मिला.
इस दौरान गांववालों ने सपा डेलिगेशन पर पथराव कर दिया. देखते ही देखते दोनों तरफ से हमले होने लगे. इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर ईट पत्थर और लाठी डंडे चलने से समाजवादी पार्टी के नेता रामाश्रय विश्वकर्मा व अन्य लोग घायल हो गए. घायलों का इलाज गाजीपुर के जिला अस्पताल में चल रहा है. घायलों को देखने आज बलिया के समाजवादी पार्टी से सांसद सनातन पांडे अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल जाना. सपा सांसद सनातन पाण्डेय ने कहा कि सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है. हम लोग 2024 के चुनाव में बार-बार कहते थे. यह सरकार रहेगी तो लोकतंत्र नहीं बचेगी.
सपा सांसद ने जताई नाराजगी6 साल की निशा विश्वकर्मा के साथ बलात्कार फिर हत्या और हत्या करने के बाद उसे गंगा नदी में फेंकना. यह सब पूरा वाक्या सुनने के बाद दिल दहल जाता है. पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदले जाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा कि हमारे साथी ने बताया कि यहां के कप्तान का बयान आ रहा है की जो व्यक्ति मार खाए हैं और घायल हुए हैं उन्हें पर कार्रवाई किया जा रही है. ऐसे में यहां का एसपी जिसके कंधे पर उत्तर प्रदेश सरकार का अशोक चक्र लगा हुआ है, उसे हटा दिया जाए. ऐसे ही घटना उसके परिवार या फिर उसके मित्र के परिवार में या फिर उसके रिश्तेदार के परिवार में हो जाए तो उसे अपने पद का और अपने हैसियत का पता चल जाएगा.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?भाजपा के अराजक तत्व अब पुलिस पर भी सीधे हमला कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि अहंकारी भाजपा सरकार ही उनकी संरक्षक है।
अब क्या पुलिस भी पीड़ित कहलाएगी?
अगर ऐसा है तो हम कहेंगे PDA में P से एक और वर्ग जुड़ गया है और वो है पीड़ित पुलिस। pic.twitter.com/wfy526amCG
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
वहीं अखिलेश यायदव ने कहा कि भाजपा के अराजक तत्व अब पुलिस पर भी सीधे हमला कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि अहंकारी भाजपा सरकार ही उनकी संरक्षक है. अब क्या पुलिस भी पीड़ित कहलाएगी? अगर ऐसा है तो हम कहेंगे PDA में P से एक और वर्ग जुड़ गया है और वो है पीड़ित पुलिस.