एक्टर अक्षय ओबेरॉय अपनी अपकमिंग फिल्म 'लव लॉटरी' को लेकर चर्चा में हैं. ये एक रोमांटिक-कोर्टरूम फिल्म है, जिसे अरविंद पांडे कर रहे हैं. वहीं एक्टर अक्षय ओबेरॉय अपनी फिल्म 'लव लॉटरी' को लेकर काफी एक्साइटेड नजर आ रहे हैं.
'लव लॉटरी' फिल्म को लेकर अक्षय ओबेरॉय ने की बात
हाल ही में उन्होंने फिल्म को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि यह फिल्म जेंडर से जुड़ी पुरानी सोच को चुनौती देती है और इस जरूरी सवाल को उठाती है कि दर्द, कमजोरी और भावनात्मक उलझनें सिर्फ एक जेंडर तक सीमित नहीं हैं.
अक्षय ओबेरॉय ने बताया, ''लव लॉटरी' का मुख्य उद्देश्य लोगों की सोच को खोलना है. यह फिल्म जेंडर से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे झगड़ों पर गहराई से चर्चा करती है. आज हम जेंडर मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अक्सर यह बातचीत एकतरफा हो जाती है. फिल्म इस विचार को सामने लाती है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं. उनकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती है और उनके अनुभवों को नजरअंदाज कर दिया जाता है.'
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उन्होंने कहा, 'फिल्म किसी का पक्ष लेने के लिए नहीं बनी है. इसका मकसद किसी को दोषी ठहराना या नतीजा थोपना नहीं है बल्कि दर्शकों को सोचने का मौका देना है. दर्द और कमजोरी किसी एक जेंडर की संपत्ति नहीं है. जब हम यह मान लेते हैं कि पुरुष भी भावनात्मक रूप से संघर्ष कर सकते हैं, तो इससे बातचीत और गहरी होती है न कि किसी के दर्द को कम करती है.'
अक्षय कैसी कहानियां पसंद हैं?
ने बताया कि एक एक्टर के रूप में उन्हें ऐसी कहानियां पसंद हैं जो समाज की सोच को चुनौती दें. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना जरूरी है जो नतीजे थोपने के बजाय सच्ची बातचीत को बढ़ावा दें. अगर 'लव लॉटरी' लोगों के बीच कुछ सच्ची चर्चाएं शुरू कर पाती है, तो हमने कुछ सार्थक हासिल कर लिया. फिल्म 'लव लॉटरी' जेंडर की बारीकियों को समझने और पुरुषों के अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले भावनात्मक संघर्ष को सामने लाने की कोशिश करती है.
बता दे, अक्षय ओबेरॉय यश की फिल्म टॉक्सिक में भी नजर आने वाले हैं. ये फिल्म 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.