Mohini Ekadashi 2026: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था. साल 2026 में यह व्रत 27 अप्रैल को रखा जा रहा है. हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि माना जाता है कि इस व्रत को करने और इसकी कथा सुनने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं मोहिनी एकादशी की वह पौराणिक कथा, जिसके बिना यह उपवास पूरा नहीं माना जाता है.
मोहिनी एकादशी व्रत कथाप्राचीन काल में सरस्वती नदी के किनारे भद्रावती नाम की एक नगरी थी. वहां धृतिमान नामक राजा राज करता था. उसी नगर में धनपाल नाम का एक वैश्य भी रहता था, जो अत्यंत धर्मात्मा और भगवान विष्णु का भक्त था. उसके पांच पुत्र थे, जिनमें सबसे छोटा पुत्र धृष्टबुद्धि अत्यंत दुराचारी और पापी था. धृष्टबुद्धि देवताओं, ब्राह्मणों और अपने पिता का अपमान करता था. तंग आकर धनपाल ने उसे घर से निकाल दिया.
घर से निकलने के बाद धृष्टबुद्धि के पास धन खत्म हो गया और वह भूख-प्यास से व्याकुल होकर दर-दर भटकने लगा.भटकते हुए वह कौण्डिन्य ऋषि के आश्रम पहुंचा. उस समय वैशाख का महीना था. धृष्टबुद्धि ने ऋषि के चरणों में गिरकर अपने पापों से मुक्ति का मार्ग पूछा.ऋषि ने उसे मोहिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी. धृष्टबुद्धि ने पूरी निष्ठा के साथ इस व्रत का पालन किया, जिसके प्रभाव से उसके सभी पाप नष्ट हो गए और अंत में वह दिव्य देह धारण कर विष्णुलोक को गया.
मोहिनी एकादशी का धार्मिक महत्वशास्त्रों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला, तो असुरों और देवताओं के बीच युद्ध की स्थिति बन गई. तब भगवान विष्णु ने मोहिनी नामक एक सुंदर स्त्री का रूप धारण किया और अपनी माया से असुरों को मोहित कर सारा अमृत देवताओं को पिला दिया. इससे देवताओं को अमरत्व प्राप्त हुआ. मोहिनी एकादशी का व्रत विशेष रूप से पापों के नाश और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से उपवास और भगवान विष्णु की आराधना करने से व्यक्ति के पिछले जन्मों के भी पाप समाप्त हो जाते हैं. यह व्रत मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.