भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान करोड़ों भारतीयों के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक बहुत बड़ी अपडेट जारी की है। एक तरफ जहां लोग पसीने से बेहाल थे, वहीं अब मौसम विभाग ने देश के 25 राज्यों में 27 अप्रैल से 2 मई तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बनने की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। अगले 24 से 48 घंटों में मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की शुरुआत हो जाएगी।
उत्तर भारत में तापमान में आएगी भारी गिरावट पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 अप्रैल से इन राज्यों के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस राहत से पहले 27 अप्रैल तक लू (Heatwave) और गर्म रातों का सितम झेलना पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि यह मौसम परिवर्तन गर्मी से तो निजात दिलाएगा, लेकिन किसानों के लिए यह चिंता का सबब बन सकता है क्योंकि तैयार फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में धूल भरी आंधी IMD की चेतावनी का सबसे ज्यादा असर उत्तर-पश्चिम भारत में दिखने वाला है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में 28 अप्रैल से 2 मई के बीच भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। इन राज्यों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे भूस्खलन (Landslides) और सड़कों के बंद होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा और यूपी में आज रात से ही 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधियां चलने और बिजली कड़कने के साथ बारिश शुरू हो सकती है। राजस्थान में भी रेत भरी हवाओं का तूफान लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
पूर्वोत्तर और पूर्व भारत में बाढ़ जैसे हालात का खतरा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों—असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। यहाँ 27 से 30 अप्रैल तक ‘बेहद भारी बारिश’ का अलर्ट है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ आने का खतरा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में भी 26 से 28 अप्रैल तक तेज अंधड़ (Thunder squall) चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में भी 2 मई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। अचानक ठंडक बढ़ने से लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
मध्य और दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम मौसम का यह बदलाव केवल उत्तर तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 27 से 30 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल में 29 अप्रैल से भारी बारिश शुरू हो सकती है, जबकि तेलंगाना में तूफानी हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। कुल मिलाकर यूपी, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, बिहार, एमपी और दक्षिण के राज्यों सहित 25 राज्यों में मौसम विभाग ने अपनी पैनी नजर बना रखी है।
सावधानी और बचाव के उपाय IMD ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को चेतावनी दी है कि वे तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और यात्रियों को पहाड़ों की यात्रा टालने की सलाह दी गई है। शहरी इलाकों में जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम और बिजली गुल होने की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल में मानसून जैसी यह स्थिति जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें और सतर्क रहें।