भारत के डेटा इकोसिस्टम में बड़ा कदम, मुकेश अंबानी यहां कर रहे हैं 1.6 लाख करोड़ का मेगा निवेश
TV9 Bharatvarsh April 28, 2026 11:42 AM

भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 1.6 लाख करोड़ रुपये का मेगा निवेश करने जा रही है. यह निवेश देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करेगा, जो तेजी से बढ़ती AI और डिजिटल सेवाओं की मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा और भारत को वैश्विक डेटा हब बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगा.

भारत के डेटा इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 1.6 लाख करोड़ रुपये का विशाल निवेश करने की योजना बना रही है. इस प्रोजेक्ट के तहत 1.5 गीगावाट क्षमता वाला गीगा-स्केल AI डेटा सेंटर क्लस्टर और कैप्टिव सोलर-बैटरी स्टोरेज सिस्टम स्थापित किया जाएगा.

सबसे बड़ा होगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर क्लस्टर बनने जा रहा है, जो क्षेत्र में चल रहे गूगल के 1 गीगावाट प्रोजेक्ट से भी बड़ा होगा. राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन समिति ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिससे आंध्र प्रदेश डेटा सेंटर हब बनने के अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच गया है.

परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा. पहले चरण में पोलिपल्ली गांव में 500 मेगावाट का डेटा सेंटर स्थापित होगा, जिसका संचालन अक्टूबर 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है. दूसरे चरण में 1 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता विकसित की जाएगी, जो 2030 तक पूरी हो सकती है. यह पूरा क्लस्टर भोगापुरम के नए एयरपोर्ट के पास स्थापित किया जाएगा.

ये कंपनियां भी कर रही हैं काम

कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 935 एकड़ भूमि की मांग की है, जिसमें डेटा सेंटर, केबल लैंडिंग स्टेशन और डीसैलिनेशन प्लांट शामिल हैं. निवेश का बड़ा हिस्सा लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये डेटा सेंटर पर खर्च होगा, जबकि 51,300 करोड़ रुपये नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना पर लगाए जाएंगे. विशाखापट्टनम तेजी से डेटा सेंटर निवेश का केंद्र बनता जा रहा है. यहां Sify Technologies, Digital Connexion और अनंत राज क्वाउड जैसे खिलाड़ी भी बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं.

राज्य सरकार की डेटा सेंटर पॉलिसी 4.0 के तहत कंपनियों को GST रिइम्बर्समेंट, कैपिटल सब्सिडी और सीधे ऊर्जा खरीदने की सुविधा जैसे कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं. यह निवेश न सिर्फ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार सृजन, टेक्नोलॉजी विकास और AI आधारित सेवाओं के विस्तार को भी गति देगा. भारत में तेजी से बढ़ती डेटा खपत और क्लाउड सेवाओं की मांग को देखते हुए, यह प्रोजेक्ट देश को ग्लोबल डेटा और AI हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.

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