Bhaum Pradosh Vrat 2026: भौम प्रदोष व्रत आज, घर पर इस विधि से करें शिव जी का अभिषेक, हर मनोकामना होगी पूरी!
TV9 Bharatvarsh April 28, 2026 11:42 AM

Pradosh Vrat Puja Vidhi: धार्मिक दृष्टि से प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन जब यह व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है और इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. पंचांग के अनुसार, अप्रैल माह में भौम प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026 को रखा जा रहा है. यह दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और जीवन की समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और अभिषेक करने से हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है.

पूजा का शुभ समय

प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद का समय इस व्रत की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. इस दौरान भगवान शिव की आराधना करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है. शाम के समय लगभग 1 से 2 घंटे के भीतर पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है.

घर पर ऐसे करें शिव जी का अभिषेक

भौम प्रदोष व्रत के दिन स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप जलाकर व्रत का संकल्प लें. शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा प्रारंभ करें. सबसे पहले शिवलिंग को गंगाजल से शुद्ध करें. इसके बाद जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें, जिसे पंचामृत अभिषेक कहा जाता है. फिर दोबारा साफ जल से स्नान कराएं. अभिषेक के दौरान ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें, इससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. अभिषेक के बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और अक्षत अर्पित करें. भगवान शिव को चंदन का तिलक लगाएं और धूप-दीप जलाकर आरती करें. आखिर में भगवान से अपनी मनोकामना कहें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.

व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

भौम प्रदोष व्रत में दिनभर संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए. व्रत रखने वाले व्यक्ति को क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए. भोजन में केवल फलाहार या एक समय सात्विक भोजन लेना उचित माना गया है. साथ ही, भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

क्या मिलता है इस व्रत का फल?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है. यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है, जो आर्थिक समस्याओं, कर्ज या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं. सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं.

भौम प्रदोष व्रत का महत्व

भौम प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का विशेष दिन है. मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से होता है, जो साहस, शक्ति और कर्ज से मुक्ति का कारक माना जाता है. ऐसे में इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से विशेष रूप से कर्ज, रोग, शत्रु बाधा और वैवाहिक जीवन की समस्याओं से राहत मिलती है. साथ ही, यह व्रत संतान सुख और सुख-समृद्धि के लिए भी अत्यंत फलदायी माना गया है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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