ADG अमिताभ यश के पिता भी रहे IPS, जानें SSP से लेकर वकील तक का सफर
TV9 Bharatvarsh April 28, 2026 03:43 PM

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमिताभ यश के पिता और पूर्व आईपीएस अधिकारी रामयश सिंह का सोमवार को निधन हो गया. 83 वर्षीय रामयश सिंह ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में अंतिम सांस ली. वो लंबे समय तक पुलिस सेवा में रहे और अपने सख्त प्रशासन व ईमानदारी के लिए पहचाने जाते थे. रिटायर होने के बाद भी उन्होंने कानून के क्षेत्र में सक्रिय रहकर समाज की सेवा जारी रखी. आइये जानते हैं उनके बारे में.

कौन थे रामयश सिंह?

रामयश सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और उन्होंने बिहार कैडर में अपनी सेवाएं दीं. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में काम किया, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और जहानाबाद शामिल हैं. वो एक सख्त और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते थे, जिन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनका जन्म बिहार के आरा में हुआ था और उन्होंने जैन कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की थी.

सेवा के बाद भी जारी रहा योगदान

पुलिस सेवा से डीआईजी पद पर रिटायर होने के बाद भी रामयश सिंह ने समाज सेवा का काम नहीं छोड़ा, उन्होंने पटना हाई कोर्ट में वकालत शुरू की और लोगों को न्याय दिलाने के लिए काम करते रहे. एक वरिष्ठ वकील के रूप में उन्होंने कई मामलों में कानूनी सहायता दी और समाज के कमजोर वर्गों के लिए आवाज उठाई. कानून और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जीवनभर बनी रही.

अमिताभ यश की पहचान

रामयश सिंह के बेटे अमिताभ यश भी एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं. 1996 बैच के अधिकारी अमिताभ यश अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. वर्ष 2007 में उन्हें एसटीएफ में एसएसपी बनाया गया, जहां उन्होंने कुख्यात दस्यु ददुआ के खिलाफ कार्रवाई कर बड़ी सफलता हासिल की.

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