रंगे हाथ रिश्वतखोरी…पटना की इस यूनिवर्सिटी का असिस्टेंट रजिस्ट्रार 2.5 लाख लेते गिरफ्तार, मचा हड़कंप
TV9 Bharatvarsh April 29, 2026 03:43 AM

बिहार की राजधानी पटना में निगरानी विभाग की तरफ से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. दरअसल, निगरानी की टीम ने राज्य के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में शुमार होने वाले मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. दरअसल, समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में एक कॉलेज की केआरसी जारी करने के लिए सनाउल्लाह ने रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद निगरानी में कार्रवाई की.

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को निगरानी विभाग में बड़ी कार्रवाई की. विभाग ने राजधानी में स्थित मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट रजिस्ट्रार सनाउल्लाह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया. सनाउल्लाह ढाई लाख रुपए की रिश्वत ले रहे थे. बताया जा रहा है कि राज्य के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में एक कॉलेज की केआरसी जारी करने के लिए सनाउल्लाह ने रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद निगरानी में कार्रवाई की.

रिश्वत में मांगे थे पांच लाख रुपए

सनाउल्लाह ने पांच लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी. गिरफ्तारी ढाई लाख रुपए की दूसरी किस्त लेने के दौरान हुई. हालांकि, गिरफ्तार अस्सिटेंट रजिस्ट्रार ने दावा किया है कि विश्वविद्यालय के कुलपति आलमगीर के निर्देश पर रिश्वत मांगी गई थी. निगरानी की तरफ से की गई इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया. निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई पूरी तरह योजना बद्ध तरीके से की, जिसने भ्रष्टाचार के खेल को उजागर कर दिया.

रामानंद महतो ने 13 मार्च 2026 को निगरानी विभाग में एक लिखित शिकायत दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि दो केआरसी की मंजूरी के लिए पांच लाख रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है. जिसके बाद उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दिया और एक केआरसी के लिए ढाई लाख रुपए देने की बात की. इस दौरान उन्होंने निगरानी विभाग को इस बात की पूरी जानकारी दें.

रंगे हाथ पकड़े गए असिस्टेंट रजिस्ट्रार

आवेदन मिलने के बाद निगरानी ने अपने स्तर से शिकायत का सत्यापन किया और जाल बिछाया. सौदे के अनुसार रामानंद ने जैसे ही असिस्टेंट रजिस्ट्रार सनाउल्लाह को ढाई लाख रुपए दिए, पहले से ही भारत लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया. टीम ने उसके पास से रिश्वत की पूरी राशि भी बराबर कर ली. डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद इस टीम को लीड कर रहे थे. जबकि टीम के अन्य सदस्यों में मणिकांत सिंह एएसआई रवि शंकर, कुमार रितेश और सिपाही वसीम अहमद भी शामिल थे.

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