उत्तर प्रदेश अब अधिकारिक रूप से देश का एक्सप्रेसवे प्रदेश बन चुका है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही यूपी सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला देश का पहला राज्य बन गया है. इस उपलब्धि के साथ ही देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा अब अकेले उत्तर प्रदेश में संचालित है. गंगा एक्सप्रेसवे न केवल लंबाई (594 किमी) के मामले में विशाल है, बल्कि यह सामरिक और आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है.
इस एक्सप्रेसवे पर 3.5 किलोमीटर लंबी एक विशेष हवाई पट्टी तैयार की गई है, जिस पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान आपातकालीन लैंडिंग कर सकेंगे. भविष्य में इसे हरिद्वार और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है, जिससे पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. इसमें 381 अंडरपास, 14 मुख्य पुल और 929 पुलिया शामिल हैं.
यूपी के 7 संचालित एक्सप्रेसवे और उनकी ताकत
| एक्सप्रेसवे | लंबाई (किमी) | प्रमुख क्षेत्र |
| गंगा एक्सप्रेसवे | 594 | मेरठ से प्रयागराज (12 जिले) |
| पूर्वांचल एक्सप्रेसवे | 341 | लखनऊ से गाजीपुर |
| आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे | 302 | आगरा से लखनऊ |
| बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे | 296 | चित्रकूट से इटावा |
| यमुना एक्सप्रेसवे | 165 | ग्रेटर नोएडा से आगरा |
| दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे | 96 | दिल्ली से मेरठ |
| गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे | 91 | गोरखपुर से आजमगढ़ |
प्रदेश में वर्तमान में 1911 किलोमीटर का नेटवर्क चालू है. वहीं, 25 किमी लंबा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे भी संचालित है. इसके अलावा दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे (एनएचएआई – 210 किमी लंबाई) भी संचालित है.
निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाएं
आठ प्रस्तावित एक्सप्रेसवे
यूपी में एनएचएआई द्वारा 14 प्रक्रियाधीन एक्सप्रेसवे