एक साल में ED ने जब्त कीं 81 हजार करोड़ रुपए की संपत्तियां, दाखिल की 812 चार्जशीट, ये रहे चौंकाने वाले आंकड़े
मनोज वर्मा May 02, 2026 01:12 AM

देश की प्रमुख जांच एजेंसी ED ने अपने 70वें स्थापना दिवस पर ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश किया, जिसने साफ कर दिया कि अब आर्थिक अपराधियों के लिए रास्ते आसान नहीं रहने वाले. ED डायरेक्टर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 एजेंसी के लिए बेहद अहम रहा, जहां रिकॉर्ड स्तर पर केस दर्ज हुए, संपत्तियां जब्त की गईं और पीड़ितों को बड़ी राहत मिली.

ED के मुताबिक इस साल कुल 812 चार्जशीट दायर की गईं, जिनमें 155 सप्लीमेंट्री चार्जशीट शामिल हैं. यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है. सबसे बड़ी बात यह रही कि ED का conviction rate 94% तक पहुंच गया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. फिलहाल 2400 से ज्यादा मामले कोर्ट में लंबित हैं और एजेंसी को उम्मीद है कि इनमें भी ज्यादातर मामलों में आरोपियों को सजा मिलेगी.

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संपत्ति जब्ती के मामले में भी ED का बड़ा रिकॉर्ड

संपत्ति जब्ती के मामले में भी ED ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है. पिछले वित्त वर्ष में एजेंसी ने 81,422 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कीं, जबकि अब तक कुल जब्त संपत्ति का आंकड़ा 2,36,017 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. एजेंसी का साफ कहना है कि उसका मकसद सिर्फ जांच करना नहीं, बल्कि अपराध से कमाए गए पैसे को पूरी तरह खत्म करना है ताकि अपराधी उस पैसे का इस्तेमाल दोबारा किसी गलत काम में न कर सकें.

ED की मदद से मिले पैसे

ED ने पीड़ितों को राहत देने में भी अहम भूमिका निभाई है. एजेंसी ने अब तक 63,142 करोड़ रुपये बैंकों, निवेशकों और होमबायर्स को वापस दिलाए हैं. PACL मामले में ही करीब 15,581 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए गए, जबकि उदयपुर के एक रियल एस्टेट केस में 200 से ज्यादा घर खरीदारों को उनकी संपत्ति वापस मिली. इन मामलों को ED ने अपनी बड़ी उपलब्धि बताया है, जहां लोगों को सालों बाद न्याय मिल सका.

अपराध का तरीका तेजी से बदल रहा-ED

एजेंसी ने यह भी माना कि अब अपराध का तरीका तेजी से बदल रहा है. पहले जहां बैंक फ्रॉड और रियल एस्टेट घोटाले ज्यादा सामने आते थे, अब cryptocurrency fraud, cyber crime, terror funding और drug trafficking जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ED अब इन मामलों में मनी ट्रेल पकड़कर अपराधियों तक पहुंच रही है. लाल किला ब्लास्ट केस में की गई कार्रवाई को इसका उदाहरण बताया गया.

विदेश भागे अपराधियों पर भी ED का शिकंजा

विदेश भागे आर्थिक अपराधियों पर भी ED का शिकंजा कसता जा रहा है. Fugitive Economic Offenders Act के तहत अब तक 54 लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, जिनमें से 21 को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है. इन मामलों में 2,178 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से एजेंसी ने अपनी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया है. अब ED के समन पर QR कोड सिस्टम लागू किया गया है, जिससे फर्जी नोटिस और धोखाधड़ी को रोका जा सके. साथ ही जांच प्रक्रिया में निगरानी और जवाबदेही भी बढ़ाई गई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की भूमिका मजबूत होती दिख रही है. ED अब ग्लोबल एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में BRICS समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर भारत की भागीदारी और बढ़ेगी.

आर्थिक अपराध और ज्यादा हाईटेक होंगे- ED डायरेक्टर 

ED डायरेक्टर ने साफ कहा कि आने वाले समय में आर्थिक अपराध और ज्यादा हाईटेक होंगे, लेकिन एजेंसी भी उसी तेजी से खुद को अपडेट कर रही है. उनका कहना था कि असली लड़ाई अपराधियों के पैसे के खिलाफ है, और जब वही खत्म कर दिया जाएगा तो अपराध अपने आप कम हो जाएगा.

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