संसद की मंजूरी के बिना ट्रंप का फैसला, इन 4 देशों को देंगे 81 हजार करोड़ के हथियार
TV9 Bharatvarsh May 02, 2026 04:43 PM

अमेरिका ने अपने मिडिल ईस्ट के सहयोगी देशों को 8.6 अरब डॉलर (लगभग ₹81,622 करोड़) से ज्यादा के हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है. खास बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने इस फैसले के लिए संसद की समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आपात स्थिति बताते हुए तुरंत इन सौदों को मंजूरी दी और कांग्रेस की जरूरत को हटा दिया.

ये हथियार सौदे इजराइल, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए हैं. सबसे बड़ा सौदा कतर के साथ है. कतर को 4.01 अरब डॉलर (करीब ₹38,059 करोड़) की पैट्रियट एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की सेवाएं दी जाएंगी. इसके अलावा कतर को 992.4 मिलियन डॉलर (करीब ₹9,417 करोड़) के एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम (APKWS) भी मिलेंगे.

कुवैत-इजराइल-यूएई को ये हथियार बेचे

कुवैत को 2.5 अरब डॉलर (लगभग ₹23,728 करोड़) का इंटीग्रेटेड बैटल कमांड सिस्टम दिया जाएगा. इजराइल को भी 992.4 मिलियन डॉलर (करीब ₹9,417 करोड़) के APKWS हथियार मिलेंगे. वहीं यूएई को 147.6 मिलियन डॉलर (करीब ₹1,401 करोड़) के APKWS सिस्टम की मंजूरी मिली है. इन हथियारों की सप्लाई में BAE Systems, Lockheed Martin, RTX Corporation और Northrop Grumman जैसी बड़ी रक्षा कंपनियां शामिल हैं.

यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ टकराव जारी है. यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए. इस संघर्ष में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं.

हथियार सौदों को लेकर विवाद

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कुवैत, यूएई और कतर जैसे देशों में अल्पसंख्यकों, पत्रकारों, मजदूरों और एलजीबीटी समुदाय के अधिकारों को लेकर सवाल उठते रहे हैं. वहीं इजराइल को अमेरिका के समर्थन पर भी आलोचना हो रही है. इसके बावजूद अमेरिका का कहना है कि ये सौदे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं. अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ खड़ा है और उनकी रक्षा क्षमता को मजबूत करना चाहता है.

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