जब भी हम बाइक या स्कूटर चलाते हैं, हेलमेट हमारी सबसे जरूरी सुरक्षा बन जाता है. लेकिन कई लोग ये नहीं जानते कि हेलमेट भी हमेशा के लिए सुरक्षित नहीं रहता. समय के साथ इसकी ताकत कम हो जाती है, जिससे दुर्घटना के समय यह सही सुरक्षा नहीं दे पाता. इसलिए यह समझना जरूरी है कि हेलमेट कब बदलना चाहिए और उसकी सही देखभाल कैसे करनी चाहिए. आइए विस्तार से जानते हैं.
दरअसल, एक अच्छा हेलमेट आमतौर पर 3 से 5 साल तक सुरक्षित माना जाता है. इसके अंदर जो फोम या परत होती है, वही सिर को झटके से बचाती है, लेकिन समय के साथ ये परत पसीने, धूल और नमी के कारण कमजोर हो जाती है. बाहर से हेलमेट ठीक दिख सकता है, लेकिन अंदर की मजबूती कम हो जाती है. अगर हेलमेट पुराना हो गया है, तो यह एक्सीडेंट के समय सही तरीके से काम नहीं करेगा. इसलिए समय पूरा होने पर उसे बदलना जरूरी है. अगर आपका हेलमेट कभी गिर गया है या हल्की टक्कर भी लगी है, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. कई बार अंदर की परत में दरार आ जाती है, जो दिखाई नहीं देती लेकिन खतरा बढ़ा देती है.
हेलमेट को साफ रखना सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है. लंबे समय तक इस्तेमाल करने से इसमें पसीना और गंदगी जमा हो जाती है, जिससे बदबू और बैक्टीरिया पनप सकते हैं. अगर हेलमेट की अंदर की पैडिंग निकल सकती है, तो उसे निकालकर हल्के गुनगुने पानी और माइल्ड शैंपू से धोना चाहिए. इसे मशीन में धोना सही नहीं होता, क्योंकि इससे उसका आकार खराब हो सकता है. हेलमेट के शीशे को साफ करते समय सख्त कपड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे उस पर खरोंच आ सकती है. हमेशा मुलायम कपड़ा और साफ पानी इस्तेमाल करें, ताकि विजिबिलिटी साफ बनी रहे.
कई लोग हेलमेट को धूप में रखकर सुखाते हैं, जो सही है लेकिन सीमित समय के लिए. हल्की धूप बैक्टीरिया खत्म करने में मदद करती है, लेकिन ज्यादा देर तक तेज धूप में रखने से हेलमेट का बाहरी हिस्सा खराब हो सकता है. इसलिए इसे लंबे समय तक धूप में छोड़ने से बचना चाहिए.
जब भी नया हेलमेट खरीदें, तो हमेशा ISI मार्क वाला ही लें. यह सुरक्षा की गारंटी देता है. सस्ते और बिना ब्रांड वाले हेलमेट से बचना चाहिए, क्योंकि वे दुर्घटना के समय सही सुरक्षा नहीं दे पाते. अच्छा हेलमेट आपकी जान बचा सकता है.
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