TMC Reaction on Supreme Court Decision: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रतिक्रिया सामने आई है. पार्टी सांसद सौगत राय ने साफ कहा कि उनकी याचिका का मकसद सिर्फ निष्पक्षता सुनिश्चित करना था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलील से सहमति नहीं जताई.
सौगत राय का बयान- ‘सभी को शामिल करने की मांग थी’
टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा, “हमारी याचिका सुप्रीम कोर्ट में इस बात को लेकर थी कि केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ही काउंटिंग के लिए क्यों नियुक्त किया गया और राज्य सरकार के कर्मचारियों को क्यों नहीं. हमारे वकील ने कहा कि निष्पक्ष नतीजों के लिए सभी को शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट इससे सहमत नहीं हुआ.”
#WATCH | Kolkata, West Bengal | TMC MP Saugata Roy says, “Our petition in the Supreme Court was that why only Central Government employees were appointed for counting and not the state government employees… Our advocate said that everyone should be involved for a fair result,… https://t.co/tuDyaTqLxa pic.twitter.com/FOYjaIE5uh
— ANI (@ANI) May 2, 2026
चुनाव आयोग के आश्वासन के बाद कोर्ट ने नहीं दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई अलग आदेश देने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि वह सिर्फ चुनाव आयोग के वकील के उस बयान को दोहराती है, जिसमें कहा गया है कि 13 अप्रैल के सर्कुलर को लागू किया जाएगा. चुनाव आयोग ने कोर्ट को भरोसा दिया था कि उसके सर्कुलर के तहत केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारी मिलकर मतगणना प्रक्रिया में शामिल होंगे, जैसा कि टीएमसी का भी दावा है.
टीएमसी की याचिका और हाईकोर्ट का फैसला
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उनकी अपील खारिज कर दी गई थी. इस याचिका में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में केवल केंद्र सरकार और पीएसयू कर्मचारियों को सुपरवाइजर बनाए जाने को चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट की विशेष बेंच में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने मामले की सुनवाई की. टीएमसी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलीलें पेश कीं.