केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के समन्वय से रेड नोटिस में शामिल आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह को 1 मई को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पित कराने में बड़ी सफलता हासिल की है.
क्या है पूरा मामला
हरियाणा पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से पासपोर्ट प्राप्त करने सहित कई अपराधों को लेकर आलोक कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर रखे थे. आरोपी फर्जी दस्तावेजों और झूठी सूचनाओं के आधार पर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने में शामिल एक सुनियोजित गिरोह का प्रमुख साजिशकर्ता था.
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की फर्जी पहचान और पते का उपयोग करके पासपोर्ट प्राप्त करने में सहायता की थी. आरोपी ने अवैध गतिविधियों के समन्वय और ऐसे व्यक्तियों के इमिग्रेशन प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
सीबीआई ने जारी करवाया था रेड नोटिस
हरियाणा पुलिस की अपील पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से आरोपी के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया. इसके बाद यूएई के पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी के ठिकाने का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद यूएई के अधिकारियों से प्रत्यर्पण की अपील की गई. उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यूएई के अधिकारियों ने आरोपी को भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी. आरोपी 1 मई को मुंबई पहुंचा, जहां से हरियाणा पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.
150 से अधिक वांछित अपराधियों को लाया जा चुका है वापस
बता दें कि भारत में इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में सीबीआई इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए भारतपोल के जरिए भारत की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है. विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और कई कानून प्रवर्तन अधिकारियों के समन्वित प्रयासों के कारण पिछले कई सालों में 150 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया जा चुका है.