पुरानी कार खरीदने से पहले सावधान! मीटर रीडिंग में तो नहीं हुई छेड़छाड़? ऐसे करें सच्चाई की पहचान
TV9 Bharatvarsh May 04, 2026 12:43 PM

सेकंड हैंड कार खरीदना आजकल आसान हो गया है, क्योंकि आप इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से खरीद सकते हैं. लेकिन कम कीमत और कम किलोमीटर चली हुई कार देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है. अक्सर कुछ विक्रेता कार के ओडोमीटर (मीटर) में छेड़छाड़ कर देते हैं, जिससे कार कम चली हुई दिखती है. ऐसे में खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है.

सर्विस हिस्ट्री जरूर चेक करें

सबसे पहले कार की सर्विस हिस्ट्री जरूर चेक करें. जब भी कोई गाड़ी अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाती है, तो उसकी किलोमीटर रीडिंग दर्ज की जाती है. ये जानकारी कंपनी के रिकॉर्ड में सेव रहती है. आप संबंधित सर्विस सेंटर जाकर या ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर यह पता लगा सकते हैं कि कार वास्तव में कितनी चली है. अगर रीडिंग में अंतर नजर आता है, तो सतर्क हो जाएं.

टेस्ट ड्राइव के दौरान मीटर पर खास ध्यान दें

इसके अलावा टेस्ट ड्राइव के दौरान भी मीटर पर खास ध्यान दें. गाड़ी चलाते समय देखें कि ओडोमीटर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं. अगर रीडिंग असामान्य लगे, रुक-रुक कर बढ़े या मीटर ढीला महसूस हो, तो यह छेड़छाड़ का संकेत हो सकता है. ऐसे संकेतों को नजरअंदाज न करें.

कार के डैशबोर्ड पर ध्यान दें

कार के डैशबोर्ड को भी ध्यान से जांचना जरूरी है. कई बार मीटर से छेड़छाड़ करने के लिए अतिरिक्त वायरिंग या स्विच लगाए जाते हैं. अगर आपको डैशबोर्ड के आसपास कोई अनावश्यक बटन या बदलाव दिखे, तो इसके बारे में मालिक से स्पष्ट जानकारी लें.

आरसी की जांच भी बेहद जरूरी

आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) की जांच भी बेहद जरूरी है. इससे आपको कार की उम्र का पता चलता है. अगर कार काफी पुरानी है लेकिन उसकी रीडिंग बहुत कम दिखाई जा रही है, तो यह संदेह का कारण हो सकता है. ऐसे मामलों में और जांच करना बेहतर होता है.

ये भी पढ़ें- Yezdi Scrambler vs Royal Enfield Scram 440: किस स्क्रैम्बलर बाइक को खरीदना होगा समझदारी भरा फैसला? पढ़ें पूरा कंपैरिजन

कंपनी के लिए ये 7-सीटर कार बनी तारणहार, बिक्री में सीधा 108% का उछाल

सबसे अहम बात, कार खरीदते समय किसी अनुभवी मैकेनिक को साथ लेकर जाएं. एक पेशेवर मैकेनिक गाड़ी की स्थिति, इंजन, वायरिंग और मीटर की वास्तविकता को बेहतर तरीके से समझ सकता है. उसकी सलाह लेने के बाद ही अंतिम फैसला करें. इन आसान तरीकों को अपनाकर आप सेकंड हैंड कार खरीदते समय धोखाधड़ी से बच सकते हैं और एक सही डील कर सकते हैं.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.