Thripunithura Vidhan Sabha Chunav Result 2026 (Chunav Ke Natije) Live Updates in Hindi: केरल की थ्रिप्पुनिथुरा विधानसभा सीट पर अक्सर प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच तीखे मुकाबले देखने को मिलते हैं. इस सीट पर नई विधानसभा के लिए सीपीएम के केएन उन्नीकृष्णन, टीटीपी की अंजली नायर और कांग्रेस के दीपक जॉय के बीच मुकाबला था. थ्रिप्पुनिथुरा विधानसभा क्षेत्र के सभी उम्मीदवारों का भाग्य 9 अप्रैल को ईवीएम में दर्ज हुआ था. यहां लगभग 81.29% मतदान दर्ज किया गया था.
केरल में 2021 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के के बाबू ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के एम स्वराज को 992 वोटों के काफी कम अंतर से हराकर सीट जीती थी. थ्रिप्पुनिथुरा विधानसभा सीट एर्नाकुलम लोकसभा क्षेत्र में आता है. 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार हिबी ईडन ने जीत हासिल की थी.
सामाजिक ताना-बानाथ्रिप्पुनिथुरा विधानसभा क्षेत्र में गहरी सांस्कृतिक जड़ों वाले हिंदू समुदाय, बड़ी संख्या में ईसाई और मुस्लिम आबादी के साथ रहते हैं. कोई भी एक समूह अकेले चुनावी रूप से निर्णायक नहीं है, इसलिए गठबंधन बनाना और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वसनीयता अनिवार्य हो जाती है.
सत्ता परिवर्तन की विरासतथ्रिप्पुनिथुरा ने लंबे समय से राजनीतिक एकाधिकार का विरोध किया है. इसके गठन के बाद से, यह सीट कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच बारी-बारी से रही है, जिससे प्रतिस्पर्धी राजनीति की संस्कृति विकसित हुई है, जहां नेताओं को याद रखा जाता है, लेकिन उन्हें अनिश्चित काल तक समर्थन नहीं दिया जाता.
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इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व ऐसे व्यक्तित्वों ने किया है, जिन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी है, जिनमें कांग्रेस के के. बाबू शामिल हैं, जिनके लंबे जुड़ाव ने मजबूत नेटवर्क का निर्माण किया, और सीपीआई (एम) के एम. स्वराज, जिन्होंने शहरी संवेदनशीलता को आकर्षित करने वाले युवा वामपंथी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व किया. इस इतिहास ने एक ऐसे मतदाता वर्ग को जन्म दिया है जो करीबी मुकाबलों से सहज है और बदलाव से डरता नहीं है.
2021 के चुनाव का नतीजाथ्रिप्पुनिथुरा विधानसभा का 2021 का चुनाव एर्नाकुलम जिले के सबसे चर्चित चुनावों में से एक बनकर उभरा. इसमें अनुभव बनाम सत्ताधारी दल, व्यक्तिगत संबंध बनाम संगठनात्मक शक्ति का मुकाबला था. कांग्रेस ने के. बाबू को मैदान में उतारा. सीपीआई (एम) ने मौजूदा विधायक एम. स्वराज पर भरोसा जताया.
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महज 992 वोटों अंतर से मिली जीतइस चुनाव में 211,581 मतदाताओं में से 156,307 वैध वोट पड़े, जिससे मतदान प्रतिशत 73.88 रहा. NOTA को 1,099 वोट मिले. हालांकि परिणाम बेहद करीबी रहा. कांग्रेस के के. बाबू को 65,875 वोट मिले, जो 42.14 प्रतिशत थे. सीपीआई (एम) के एम. स्वराज को 64,883 वोट मिले, जो 41.51 प्रतिशत थे. बीजेपी के उम्मीदवार के एस. राधाकृष्णन को 23,756 वोट मिले, जो 15.20 प्रतिशत थे. के. बाबू मात्र 992 वोटों के अंतर से विधायक चुने गए.
यहां नहीं चलती कोई लहरकभी कोचीन राजपरिवार की राजधानी रहा त्रिपुनिथुरा क्षेत्र एक ऐसी सांस्कृतिक स्मृति को संजोए हुए है जो आज भी सार्वजनिक जीवन और राजनीति को प्रभावित करती है. यहां चुनाव नारों या राज्यव्यापी लहरों से प्रभावित नहीं होते. इनका फैसला वार्ड दर वार्ड, गली दर गली, शासन, सुगमता और विश्वसनीयता पर सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के माध्यम से होता है.