NEET UG 2026:नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा देशभर में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई. इस परीक्षा में लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों ने भाग लिया जो MBBS और BDS जैसे कोर्स में एडमिशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. देश के 551 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. परीक्षा के बाद अब छात्र आंसर-की और संभावित कट-ऑफ का इंतजार कर रहे हैं. आइये जानते हैं कि विशेषज्ञों के अनुसार इस बार पेपर का स्तर कैसा रहा?
इस साल परीक्षा का स्तर आसान से मध्यम बताया गया, हालांकि जीव विज्ञान (biology) का सेक्शन छात्रों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा. विशेषज्ञों के अनुसार इस बार कट-ऑफ में गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे स्टूडेंट्स की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
पेपर का स्तर कैसा रहा?विशेषज्ञों के अनुसार इस साल का पेपर कुल मिलाकर आसान से मध्यम स्तर का रहा.
हालांकि कई छात्रों ने पेपर को आसान बताया, लेकिन जीव विज्ञान (Biology) के लंबे प्रश्नों के कारण टाइम मैनेजममेंट एक बड़ी चुनौती बना.
पिछले वर्षों से तुलनाअगर पिछले वर्षों से तुलना करें तो इस साल का पेपर अपेक्षाकृत आसान माना गया.
इस तुलना से साफ है कि 2026 का पेपर छात्रों के लिए राहत भरा रहा.
फिजिक्स और केमिस्ट्री की समीक्षाविशेषज्ञों के अनुसार फिजिक्स में गणनात्मक (calculative) प्रश्न अधिक थे, लेकिन यह पूरी तरह सिलेबस के अनुसार था. जिन छात्रों की तैयारी मजबूत थी, वो अच्छे नंबर ला सकते हैं. केमेस्ट्री में ज्यादातर प्रश्न सीधे और NCERT आधारित थे, जिससे छात्रों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई.
बायोलॉजी सेक्शन रहा सबसे चुनौतीपूर्णपरीक्षा के बाद अब छात्र आधिकारिक आंसर-की का इंतजार कर रहे हैं. NTA जल्द ही NEET UG 2026 की आंसर की जारी करेगा. इसके अलावा कोचिंग संस्थान भी अनौपचारिक आंसर की जारी करेंगे, जिससे छात्र अपने संभावित नंबर का अंदाजा लगा सकेंगे.
कट-ऑफ में गिरावट की संभावनाविशेषज्ञों का मानना है कि इस साल NEET UG 2026 का कट-ऑफ पिछले साल की तुलना में कम रह सकता है.
इससे संकेत मिलता है कि प्रतियोगिता थोड़ी कम हो सकती है.
पिछले साल का कट-ऑफ (संकेत के तौर पर)हालांकि अंतिम कट-ऑफ कई फैक्टर जैसे सीटों की संख्या, कॉलेज की रैंकिंग और छात्रों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है.
मार्किंग स्कीम क्या है?NEET UG 2026 का पेपर यह दिखाता है कि केवल कठिन सवाल ही सफलता तय नहीं करते, बल्कि सही रणनीति, टाइम मैनेजमेंट और मजबूत बेसिक कॉन्सेप्ट ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. जिन छात्रों ने लगातार तैयारी की और NCERT पर ध्यान दिया, उन्हें इस परीक्षा में निश्चित रूप से फायदा मिला होगा. अब सभी अभ्यर्थियों की नजरें रिजल्ट और कट-ऑफ पर टिकी हैं, जो उनके मेडिकल करियर की दिशा तय करेगा.
720 अंकों की परीक्षानीट यूजी परीक्षा की अवधि 180 मिनट की थी और इस परीक्षा में कुल 720 अंकों के 180 प्रश्न पूछे गए. इसमें फिजिक्स और केमिस्ट्री से 45-45 प्रश्न और जीव विज्ञान यानी बायोलॉजी (वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान) से 90 प्रश्न पूछे गए.
रजिस्ट्रेशन में महिलाओं की संख्या ज्यादाइस वर्ष NEET UG 2026 के लिए कुल 22,79,743 उम्मीदवारों ने आवेदन किया. इनमें 13,32,928 महिला अभ्यर्थी और 9,46,815 पुरुष अभ्यर्थी शामिल रहे. इससे साफ है कि मेडिकल क्षेत्र में लड़कियों की रुचि लगातार बढ़ रही है.
देशभर में एक ही शिफ्ट में हुई परीक्षाNEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन 3 मई को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक एक ही शिफ्ट में किया गया. यह परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में हुई. देश के 551 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी इस परीक्षा के महत्व को दर्शाती है.