क्या सिगरेट पीने से सच में भारी होती है आवाज? जानिए इसके पीछे की सच्चाई
सोनम May 07, 2026 06:42 AM

Does Smoking Really Make Your Voice Deeper: बहुत से लोग मानते हैं कि लगातार सिगरेट पीने से आवाज भारी और अलग तरह की हो जाती है. फिल्मों और आम जिंदगी में भी अक्सर धूम्रपान करने वालों की आवाज को भारीपन से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन क्या सच में धूम्रपान का असर आवाज पर पड़ता है? एक्सपर्ट के मुताबिक इसका जवाब हां है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था  clevelandclinic के अनुसार,  कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों की एक्सपर्ट डॉक्टर कैंडेस ह्रेलैक बताती हैं कि धूम्रपान सीधे तौर पर आवाज की क्वालिटी, सुर और भारीपन को प्रभावित कर सकता है. दरअसल, सिगरेट या दूसरे तंबाकू उत्पादों के धुएं में सैकड़ों तरह के रसायन मौजूद होते हैं. जब कोई व्यक्ति धुआं अंदर खींचता है, तो यह सबसे पहले गले और स्वर पैदा करने वाली नलियों से होकर लंग्स तक पहुंचता है. यही वजह है कि इन हिस्सों में जलन और सूजन शुरू हो सकती है.

लगातार धूम्रपान से क्या होता है असर?

लगातार धूम्रपान करने से गले में खराश, बलगम और खांसी की समस्या बढ़ सकती है. बार-बार खांसने से आवाज बनाने वाली नलियां आपस में जोर से टकराती हैं, जिससे उनमें सूजन और ज्यादा बढ़ जाती है. यही सूजन धीरे-धीरे आवाज को भारी और बैठा हुआ बना सकती है. एक्सपर्ट के मुताबिक गाने वाले लोगों में इसका असर जल्दी दिखाई दे सकता है. ऊंचे सुर लगाने के दौरान स्वर पैदा करने वाली नलियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है. अगर उनमें पहले से सूजन हो, तो आवाज में बदलाव साफ महसूस होने लगता है. 

क्या होता है इसका असर?

धूम्रपान का असर सिर्फ आवाज भारी होने तक सीमित नहीं रहता. लंबे समय तक तंबाकू का सेवन गले में लगातार सूजन की स्थिति पैदा कर सकता है. कुछ मामलों में आवाज बैठने लगती है या कई दिनों तक ठीक से निकलती ही नहीं. इसके अलावा गले के अंदर मांस बढ़ने जैसी समस्या भी हो सकती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत तक होने लगती है. गंभीर स्थिति में ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है. 

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कैंसर का भी खतरा

एक्सपर्ट यह भी चेतावनी देते हैं कि लगातार धूम्रपान करने से गले के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. शुरुआती दौर में इसके संकेत आवाज में बदलाव के रूप में दिखाई दे सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति की आवाज तीन हफ्तों से ज्यादा समय तक भारी या बदली हुई रहे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. जहां तक दूसरे नशे वाले धुएं या भाप वाले उत्पादों की बात है, एक्सपर्ट मानते हैं कि अभी इस पर पर्याप्त रिसर्च नहीं हुआ है. हालांकि यह जरूर माना जा रहा है कि किसी भी तरह का धुआं या रसायन गले और स्वर तंत्र पर असर डाल सकता है.

अच्छी बात यह है कि धूम्रपान छोड़ने के कुछ ही हफ्तों बाद आवाज में सुधार दिखने लगता है. पर्याप्त पानी पीना, गले का ध्यान रखना और धूम्रपान से दूरी बनाना आवाज को फिर से सामान्य बनाने में मदद कर सकता है.

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