Robot Buddha: दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है. अब तक उद्योग, शिक्षा और ऑफिस में इसका अधिक उपयोग किया जाता था. लेकिन अब यह हमारी आस्था और संस्कृति में भी प्रवेश कर चुका है. हाल ही में दक्षिण कोरिया में आध्यात्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अद्भुत संगम देखने को मिला.
दक्षिण कोरिया में ‘गाबी’ बना बौद्ध भिक्षु
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल (Seoul) में स्थित प्रसिद्ध जोग्ये मंदिर (Jogyesa Temple) में 'गाबी' (Gabi) नाम का 130 सेंटीमीटर लंबा ह्यूमनॉइड रोबोट भिक्षु ने पेश किया गया. तकनीक और धर्म के इस अनोखे मेल ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है.
रोबोट ने पारंपरिक बौद्ध वेशभूषा पहनी, प्रार्थना की और “मैं बौद्ध धर्म के लिए खुद को समर्पित करता हूं” कहकर बौद्ध धर्म की दीक्षा भी ली. लोग इसे धर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अनोखा संगम मान रहे हैं.
जापान के 400 साल पुराने मंदिर में AI प्रवचन
जापान के क्योटो (Kyoto) के एक 400 साल पुराने जैन मंदिर में भी युवाओं को आकर्षित करने के लिए भी कैनन (Android Kannon) नाम का रोबोट रखा गया है. यह रोबोट बौद्ध धर्म की जानकारी और उपदेश देता है. रोबोट कैनन जापानी भाषा में उपदेश देता है, जिसके इंग्लिश और चीनी भाषा में ट्रांसलेट किया जा सकता है.
धर्म और आध्यात्मिक क्षेत्र में रोबोट का बढ़ते प्रचलन पर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है. लेकिन सवाल यह है कि, क्या भविष्य में रोबोट ही इंसानी भिक्षुओं की जगह ले लेंगे, क्या रोबोट ही धर्म गुरु बन जाएंगे या रोबोट ही हमें धर्म का पाठ पठाएंगे?

क्या भविष्य में रोबोट बनेगा धर्मगुरु
Jagannath Rath Yatra 2026 Date: जगन्नाथ रथ यात्रा कब है, जानें तिथि, महत्व और रीति-रिवाज
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.