अमेरिका ने एआई पहुंच को दिया बढ़ावा, सुरक्षा जोखिमों पर जताई चिंता
Indias News Hindi May 09, 2026 02:42 PM

वाशिंगटन, 9 मई . अमेरिका चाहता है कि India समेत दक्षिण और मध्य एशिया के देशों को दुनिया की बेहतरीन तकनीक मिले और वे किसी विरोधी देश पर निर्भर न रहें. इसी दिशा में अमेरिका India के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहयोग को तेजी से बढ़ा रहा है. यह बात अमेरिका के विदेशी विभाग अधिकारी ने कही है.

अमेरिकी विदेश विभाग उप सहायक सचिव बेथानी मॉरिसन ने यूएस-इंडिया एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक का फायदा सीधे लोगों तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि क्षेत्र के देशों को उच्च स्तर की तकनीक मिले और उसका इस्तेमाल समाज के विकास और लोगों के बेहतर जीवन के लिए हो.

मॉरिसन ने कहा कि एआई बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए इसके इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम और सुरक्षा व्यवस्था भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस तकनीक का पूरा लाभ लेने के लिए खुलापन, सुरक्षा और आपसी तकनीकी तालमेल पर ध्यान देना होगा. साथ ही ऐसे देशों पर निर्भरता से बचना होगा जो विरोधी सोच रखते हैं.

उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी एआई तकनीक और उससे जुड़ी कार्यप्रणालियों को दुनिया तक पहुंचाना चाहता है. यह अमेरिका की उस बड़ी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अमेरिकी एआई तकनीक का वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रहा है.

मॉरिसन ने कहा, “एआई भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान है और यह अमेरिकी सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स से तैयार हो रहा है.” उन्होंने इसे तकनीकी नवाचार में अमेरिका की मजबूत स्थिति का उदाहरण बताया.

साथ ही उन्होंने कहा कि India की भागीदारी भी एआई क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है. उनके मुताबिक India और अमेरिका की साझेदारी दोनों देशों के लिए वास्तविक परिणाम दे रही है.

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच निवेश तेजी से बढ़ रहा है. भारतीय कंपनियां अमेरिका के तकनीकी ढांचे में बड़ा निवेश कर रही हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियां India में अपने कारोबार और तकनीकी गतिविधियां बढ़ा रही हैं. मॉरिसन ने कहा कि ये आधुनिक और प्रभावशाली निवेश India और अमेरिका दोनों समाजों पर बड़ा असर डालेंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि एआई सिर्फ डिजिटल तकनीक नहीं है, बल्कि इसके लिए मजबूत भौतिक ढांचे की भी जरूरत होती है. इसमें डाटा सेंटर, चिप, तार और बिजली जैसी चीजें शामिल हैं. इसलिए मजबूत और सुरक्षित सप्लाई चेन बेहद जरूरी है.

मॉरिसन ने कहा कि अमेरिका और India मिलकर सुरक्षित और भरोसेमंद एआई सप्लाई चेन तैयार करने पर काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में तकनीकी मजबूती बनी रहे.

उन्होंने इस दौर को भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए बेहद अहम बताया. मॉरिसन ने कहा कि तकनीकी प्रगति और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर अमेरिका काफी उत्साहित है और आने वाले समय में अवसरों की कोई कमी नहीं है.

एएस/

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