बताया जा रहा है कि नए मंत्रियों को शामिल करने के साथ ही वर्तमान कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। जिन लोगों के मंत्री पद के लिए नाम चल रहे हैं, उनमें प्रमुख रूप से मनोज पांडेय, पूजा पाल, कृष्णा पासवान, भूपेन्द्र चौधरी, अशोक कटारिया और रोम साहनी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। ALSO READ: योगी सरकार बनी बुजुर्ग महिलाओं का सहारा, यूपी में 29 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रही पेंशन
जातिगत समीकरण साधने की कोशिशमनोज पांडेय ब्राह्मण चेहरा होने के साथ ही सपा से भाजपा में शामिल हुए हैं। इसी तरह सपा की ही एक बागी पूजा पाल को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती हैं। वे महिला के साथ ओबीसी का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। कृष्णा दलित समुदाय से आती हैं, जबकि जाट समीकरण को साधने के लिए भूपेन्द्र चौधरी को जगह मिल सकती है। लखीमपुर क्षेत्र में अच्छी पकड़ होन के कारण रोम को जगह मिलने जा रही है, वहीं अशोक कटारिया को संगठन कोटे से जगह मिल सकती है। ALSO READ: योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, यूपी में दंगे और फिरौती के लिए अपहरण पर लगी लगाम
'मिशन 2027' का आगाज यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा चाहती है कि चुनाव से पहले उन समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया जाए जो फिलहाल असंतुष्ट महसूस कर रहे हैं। ब्राह्मण, ओबीसी और दलित समीकरणों को संतुलित करना ही इस विस्तार का मूल मंत्र है। बताया जा रहा है कि इस बार 65 साल से अधिक उम्र के कुछ विधायकों को शायद ही मौका मिले।
भाजपा युवा और ऊर्जावान चेहरों को आगे बढ़ाकर 'प्रो-इंकमबेंसी' का माहौल बनाना चाहती है। यह भी चर्चा है कि एक और डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इससे डिप्टी सीएम की संख्या बढ़कर तीन हो सकती है। योगी सरकार में वर्तमान में 54 मंत्री है। इनकी अधिकतम संख्या 60 हो सकती है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala