पटना, 10 मई: कांग्रेस पार्टी ने West Bengal में भाजपा सरकार के गठन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. Bihar कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने Saturday को पूरे मामले पर तीखी आलोचना की, यह दावा करते हुए कि राज्य में चुनावी प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण अनियमितताएँ हुई हैं.
एक समाचार एजेंसी के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि West Bengal में व्यापक वोट चोरी हुई है, और चुनाव आयोग की भूमिका पर संदेह जताया. उन्होंने विशेष रूप से चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएँ उनकी उपस्थिति में हुईं.
राम ने आगे कहा कि लगभग 2.7 मिलियन मतदाताओं के नाम चुनावी सूची से हटा दिए गए, जबकि पहले लगभग 72,000 से 73,000 नाम हटाए गए थे. उन्होंने asserted किया कि यह कार्रवाई एकतरफा की गई, जो चुनाव आयोग की सीधी संलिप्तता को दर्शाती है. इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभिन्न सरकारी एजेंसियों पर इस प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप लगाया, जो मिलकर बंगाल में सत्ता परिवर्तन को प्रभावित कर रही हैं.
कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि चुनावों में जीत या हार का निर्णय अब जनता के हाथों में नहीं है, बल्कि कुछ पार्टियों के पक्ष में पूर्वनिर्धारित किया जा रहा है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए एक गंभीर चिंता के रूप में वर्णित किया, यह दावा करते हुए कि संविधान, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मतदाताओं के अधिकारों को दरकिनार करते हुए सरकार बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
राम ने यह भी बताया कि सबसे चौंकाने वाला पहलू संविधान की अनदेखी है, क्योंकि लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर किया गया है. वोट चोरी के आरोप सामने आए हैं, और इसी प्रक्रिया के माध्यम से अब एक सरकार बनाई जा रही है.
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