Vastu Tips: घर के मंदिर में क्यों लोटे में भरकर रखा जाता है जल? जान लें इसके नियम
TV9 Bharatvarsh May 11, 2026 01:42 AM

Home Temple Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों का पालन करके घर से दुख और दरिद्रता को दूर किया जा सकता है. साथ ही सकरात्मक उर्जा को आकर्षित किया जा सकता है. वास्तु शास्त्र के जानकार इसके अनुसार ही घर में चीजें रखने की सलाह देते हैं. सही दिशा का ध्यान रखने के लिए भी कहते हैं. वास्तु शास्त्र में घर के मंदिर से भी जुडे़ कई नियम हैं.

इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. वास्तु शास्त्र में घर के मंदिर में एक जल से भरा लोटा रखने का नियम भी बताया गया है. आइए विस्तार से जानते हैं कि घर के मंदिर में क्यों लोटे में जल भरकर रखा जाता है? साथ ही जानते हैं इसके नियम.

घर में मंदिर में क्यों रखा जाता है जल?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में जल से भरा लोटा रखना बहुत जरूरी होता है. मान्यता है कि जैसे पूजा में गरुड़ घंटी के रूप में गरुड़ देव स्थापित किए जाते हैं, वैसे ही लोटे में जल रखकर वरुण देव को स्थापित किया जाता है. मान्यता है कि जल को वरुण देव के रूप में पूजा जाता है. वरुण देवता ही संसार के रक्षक माने जाते हैं. यही नहीं जब घर के मंदिर में रखे जल में तुलसी के कुछ पत्ते डाल दिए जाते हैं, तो उसकी पवित्रता और बढ़ जाती है.

माना जाता है कि जल में तुलसी के पत्ते पड़ते ही जल आचमन योग हो जाता है. फिर इस जल से देवी-देवताओं का आचमन किया जाता है. ऐसा करने से देवी देवता जल्दी प्रसन्न होते हैं.

मंदिर में जल रखने के नियम

घर के मंदिर में जल उत्तर या ईशान कोण में रखना चाहिए. इस दिशा में जल रखना बहुत शुभ होता है. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है. मंदिर में जल रखते समय ध्यान रहे कि तांबे के धातु वाले लोटे में ही जल रखें. पूजा के बाद बचे जल को पौधों में डाल दें या पक्षियों के लिए रख दें. जल को इधर-उधर नहीं फेंके.

ये भी पढ़ें: Puja at Home: क्या घर में पूजा करने से मिल जाता है मंदिर दर्शन जितना पुण्य? जानें धार्मिक मान्यताएं

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र के नियमों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.