JEE डेटा लीक के दावों को IIT रुड़की ने बताया भ्रामक, कहा- परीक्षा प्रक्रिया पर नहीं पड़ा कोई असर
रजनी उपाध्याय June 06, 2026 09:42 AM

JEE एडवांस्ड अभ्यर्थियों के डेटा लीक को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बीच IIT रुड़की ने अपना बयान जारी किया है. संस्थान ने इन सभी आरोपों को भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े लाखों छात्रों का डेटा लीक होने जैसी खबरों में सच्चाई नहीं है.

IIT रुड़की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि घटना को लेकर सोशल मीडिया पर जो जानकारी प्रसारित की जा रही है, वह वास्तविक तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं करती. संस्थान का कहना है कि इस तकनीकी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.

IIT रुड़की के मुताबिक बीती 2 जून को कुछ अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इसके समाधान और पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए कुछ तकनीकी बदलाव तत्काल प्रभाव से किए गए थे. इसी दौरान क्लाउड स्टोरेज सिस्टम के एक हिस्से में अस्थायी और सीमित स्तर की तकनीकी गड़बड़ी हो गई.

क्या थी समस्या?

IIT रुड़की ने बताया कि इस तकनीकी समस्या की पहचान एथिकल हैकर रायलन अनिल ने की थी. उन्होंने संस्थान को सूचित किया कि वे संबंधित डेटाबेस तक पहुंच बनाने में सक्षम रहे. सूचना मिलते ही IIT रुड़की की तकनीकी टीम ने तुरंत कार्रवाई की और समस्या को ठीक करते हुए डेटा तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया.

संस्थान ने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्लाउड स्टोरेज केवल "रीड-ओनली" मोड में था. इसका मतलब यह है कि किसी भी व्यक्ति के लिए डेटा में बदलाव करना, उसे संपादित करना या हटाना संभव नहीं था. जांच के दौरान क्लाउड एक्सेस लॉग का विस्तृत विश्लेषण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि किसी भी प्रकार का बड़े पैमाने पर डेटा डाउनलोड नहीं हुआ.

नहीं है कोई प्रमाण

IIT रुड़की के अनुसार, डेटा तक पहुंच कुल जानकारी के 0.05 प्रतिशत से भी कम हिस्से तक सीमित रही. इसके अलावा किसी भी संवेदनशील जानकारी के बड़े स्तर पर लीक होने या डेटा के सामूहिक रूप से निकाले जाने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

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संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तकनीकी घटना का JEE (Advanced) परीक्षा परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. छात्रों के अंक, रैंक, श्रेणी (कैटेगरी) या परीक्षा से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है. इसलिए अभ्यर्थियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.

IIT ने कही ये बड़ी बात

IIT रुड़की ने कहा कि वह JEE (Advanced) और JoSAA काउंसलिंग प्रक्रिया की सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. संस्थान के अनुसार, इस तकनीकी घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत कर परीक्षा प्रणाली पर लोगों के विश्वास को कमजोर करने की कोशिश चिंताजनक है.

इस बीच, एथिकल हैकर रायलन अनिल ने भी सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि बड़े पैमाने पर डेटा लीक होने के दावों का समर्थन करने वाला कोई सबूत उनके पास नहीं है. उन्होंने कहा कि सिस्टम में एक तकनीकी कमजोरी जरूर थी, लेकिन इसे संस्थान को तुरंत रिपोर्ट किया गया और अधिकारियों ने तेजी से इसे ठीक कर दिया.

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