व्हाइट हाउस के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी एडवाइजर श्रीराम कृष्णन ने शनिवार को घोषणा की कि वे जून के अंत में अपना पद छोड़ देंगे. इससे अत्याधुनिक तकनीकों के लिए नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक प्रमुख व्यक्ति का जाना तय हो गया है. कृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, यह सफर मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है. उन्होंने पद छोड़ने का कारण नहीं बताया.
वाशिंगटन में शक्तिशाली नई प्रणालियों को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच, कृष्णन एआई के विकास को विनियमित करने के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने के ट्रंप प्रशासन के प्रयासों में शामिल रहे हैं. उदाहरण के लिए, एंथ्रोपिक के मिथोस ने कथित तौर पर बैंकों जैसे कंप्यूटर सिस्टम में साइबर सुरक्षा कमजोरियों को उजागर करने की क्षमता प्रदर्शित की है.
श्रीराम कृष्णन का भारत से गहरा कनेक्शनश्रीराम कृष्णन अमेरिकी नागरिक हैं, हालांकि भारत से उनका गहरा कनेक्शन है. उनका जन्म चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था. उन्होंने चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 2007 में अमेरिका चले गए. बाद में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, याहू, फेसबुक, एक्स और स्टैप जैसी बड़ी टेक कंपनियों में काम किया. 2016 में उन्होंने अमेरिका की नागरिकता हासिल की. उनकी पत्नी आरती राममूर्ति भी भारतीय मूल की हैं.
अमेरिकी लोगों की सेवा करने का सौभाग्यकृष्णन ने एक्स पर लिखा कि मैं इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपनी भूमिका छोड़ दूंगा. कुछ समय के ब्रेक के बाद, मैं AI से जुड़ी उन बड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए काम करूंगा, जिनका सामना अमेरिका कर रहा है. यह बताना मुश्किल है कि अमेरिकी लोगों की सेवा करना कितना बड़ा सौभाग्य रहा है और ऐसा करने का मौका मिलने के लिए मैं कितना आभारी हूं.’