Annamalai life journey: तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई की ओर से दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है. पार्टी से इस्तीफा देने के बाद ही अन्नामलाई देश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गए हैं. वहीं पार्टी से इस्तीफा देने के बाद ही अन्नामलाई ने अपनी नई पार्टी बनाने की घोषणा भी कर दी है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि किसान परिवार से आईआईएम और फिर आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई का सफर कैसा रहा था.
बीजेपी से क्यों अलग हुए अन्नामलाई?
दरअसल तमिलनाडु से भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई के इस्तीफे के पीछे यह अटकलें चल रही है कि अन्नामलाई नई राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं. इसके अलावा यह भी खबरें सामने है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद के अन्नामलाई का एआईएडीएमके से मतभेद के कारण अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ दी है. आपको बता दें कि अन्नामलाई ने तमिलनाडु में भाजपा को काफी बढ़ावा दिया, जहां उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के वोट शेयर को 3 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत करने में कामयाबी हासिल की है.
कौन है के अन्नामलाई?
अन्नामलाई का जन्म तमिलनाडु के करूर जिले में 4 जून 1984 को एक किसान परिवार में हुआ था. अन्नामलाई का पूरा नाम कुप्पुसामी अन्नामलाई है. बताया जाता है कि अन्नामलाई पढ़ाई में शुरू से ही काफी तेज थे, उन्होंने कोयंबटूर के पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद अन्नामलाई ने देश के टॉप इंस्टीट्यूट में से एक आईआईएम लखनऊ से मैनेजमेंट की पढ़ाई की.
एमबीए के बाद चुना यूपीएससी का रास्ता
बताया जाता है की आईआईएम लखनऊ से एमबीए करने के बाद अन्नामलाई के पास कॉरपोरेट सेक्टर में जाने का अच्छा मौका था. लेकिन उन्होंने उस समय यूपीएससी का रास्ता चुना. रिपोर्ट के अनुसार 2011 में अन्नामलाई ने यूपीएससी की परीक्षा पास की और वह भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए. उन्हें कर्नाटक कैडर मिला था. आईपीएस पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कर्नाटक के कई इलाकों में काम किया. कर्नाटक में उन्हें लोग सिंघम ऑफिसर तक कहने लगे थे, क्योंकि वह अपने सख्त रवैया और ईमानदारी के लिए जाने जाते थे. हालांकि परिवार के साथ समय बिताने के लिए उन्होंने लगभग 8 सालों की सेवा के बाद 2019 में आईपीएस पद से इस्तीफा दे दिया था
राजनीति में शुरू किया था नया सफर
2019 में आईपीएस पद से इस्तीफा देने के बाद 2020 में अन्नामलाई भाजपा में शामिल हो गए थे. वहीं भाजपा में शामिल होने के बाद वह धीरे-धीरे तमिलनाडु में बीजेपी पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा बन गए. 2021 में उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें इस चुनाव में करारी हार मिली थी. इसके बाद 2024 में उन्होंने लोकसभा के चुनाव लड़ें इसमें भी उन्हें हार मिली. वहीं आज बीजेपी ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया है.