यूपी को भूटान से मिलेगी 511 मेगावाट हाइड्रोपावर, यूपीईआरसी ने दी मंजूरी
et June 06, 2026 05:42 PM
उत्तर प्रदेश की बढ़ती बिजली डिमांड को देखते हुए राज्य को एक बड़ा एनर्जी सपोर्ट मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (UPERC) ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत भूटान के 600 मेगावाट क्षमता वाले खोरलोछू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से 511 मेगावाट बिजली लॉन्ग-टर्म आधार पर खरीदी जाएगी। यह टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड (TPTCL) के जरिए सप्लाई की जाएगी। मंजूरी मिलने के साथ ही यूपीपीसीएल और टीपीटीसीएल के बीच पावर सेल एग्रीमेंट (पीएसए) का रास्ता भी साफ हो गया है। यह सप्लाई 1 मई 2030 से शुरू होगी और अगले 30 वर्षों तक जारी रहेगी।
कितनी होगी बिजली की कीमत?
यूपीईआरसी के ऑर्डर के अनुसार, इस पावर की टैरिफ 6.75 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। यह दर इंडो-भूटान डिलीवरी पॉइंट पर लागू होगी। आयोग ने दोनों कंपनियों के बीच होने वाले ड्राफ्ट पावर सेल एग्रीमेंट को भी मंजूरी दे दी है।
यूपीपीसीएल को क्यों है इस डील की जरूरत?
यूपीपीसीएल का कहना है कि आने वाले वर्षों में राज्य में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में अतिरिक्त रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स की जरूरत होगी ताकि भविष्य में किसी तरह की सप्लाई कमी से बचा जा सके।

कंपनी के अनुसार, यह प्रोक्योरमेंट हाइड्रो पावर ऑब्लिगेशन (एचपीओ) और रिन्यूएबल परचेज ऑब्लिगेशन (RPO) से जुड़े नियमों का पालन करने में भी मदद करेगा। ये नियम पावर मिनिस्ट्री द्वारा तय किए गए हैं।
एचपीओ और आरपीओ लक्ष्य पूरे करने में मिलेगी मदद
यूपीईआरसी ने अपने ऑर्डर में कहा कि भारत के बाहर स्थित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से खरीदी गई बिजली को भी एचपीओ कंप्लायंस में शामिल किया जा सकता है। यूपीपीसीएल ने आयोग को बताया कि उसे पहले भी आरपीओ से जुड़ी बैकलॉग कम करने के लिए लॉन्ग-टर्म पावर प्रोक्योरमेंट जैसे कदम उठाने के निर्देश मिले थे।
हर साल मिलेगी 1,748 मिलियन यूनिट बिजलीइस प्रोजेक्ट से मई से अक्टूबर की अवधि के दौरान हर साल करीब 1,748 मिलियन यूनिट बिजली मिलने का अनुमान है। यूपीपीसीएल ने दिसंबर 2024 में टीपीटीसीएल के साथ प्रस्तावित टैरिफ और सप्लाई टर्म्स पर चर्चा के बाद इस डील के लिए अपनी इन-प्रिंसिपल सहमति दे दी थी।
रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट में मदद मिलने की उम्मीद है।
यूपीईआरसी की मंजूरी के बाद अब यूपीपीसीएल और टीपीटीसीएल के बीच लॉन्ग-टर्म पावर सेल एग्रीमेंट साइन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस डील से उत्तर प्रदेश की फ्यूचर एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट को हासिल करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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