रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोपों पर कविता ने किया हमला, कहा- पवन कल्याण ने खरीदी थी 10 एकड़ शिकम भूमि
Indias News Hindi June 06, 2026 08:43 PM

हैदराबाद, 6 जून . तेलंगाना की राजनीति में जमीन विवाद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. तेलंगाना जागृति की संस्थापक एवं अध्यक्ष कलवकुंतला कविता ने आंध्र प्रदेश के उपChief Minister पवन कल्याण पर शिकम भूमि खरीदने और उससे जुड़े रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कविता ने कहा कि 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन के समय पवन कल्याण ने 10 एकड़ ‘शिकम’ भूमि खरीदी थी. उन्होंने दावा किया कि यह भूमि कोडिकुंटा झील के सर्वे नंबर 706 से संबंधित है, और सिंचाई विभाग ने पहले ही अपने अंतिम अधिसूचना (फाइनल नोटिफिकेशन) में स्पष्ट कर दिया था कि यह जमीन ‘शिकम’ श्रेणी में आती है.

कविता ने आरोप लगाया कि भूमि खरीद के समय सरकारी रिकॉर्ड में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया. उनके अनुसार, पवन कल्याण की ओर से भूमि पंजीकरण के दौरान यह दर्ज कराया गया कि केवल तीन एकड़ जमीन शिकम है जबकि शेष सात एकड़ सिंचित या मगाणी भूमि है. उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के दस्तावेजों में पूरी 10 एकड़ भूमि को शिकम भूमि बताया गया है और इसके प्रमाण उनके पास मौजूद हैं.

पूर्व सांसद ने दावा किया कि जब उन्होंने हाल ही में पवन कल्याण से इस मुद्दे पर बातचीत की, तो उन्होंने कथित रूप से कहा था कि यदि उनकी ओर से कोई गलती हुई है तो वह जमीन Government को वापस कर देंगे. इसी आधार पर कविता ने उनसे अपना वादा निभाने की मांग की.

उन्होंने राज्य Government से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. कविता ने कहा कि Government के पास पहले से ही संबंधित रिकॉर्ड और डेटा उपलब्ध हैं, इसलिए मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि Government किसानों से भूमि अधिग्रहित करती है तो मुआवजा देती है, इसलिए नियमों के अनुसार पवन कल्याण को भी उचित मुआवजा या टीडीआर मिल सकता है.

कविता ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि पर बाड़ लगाई गई है जबकि शिकम भूमि पर इस प्रकार का निर्माण या घेराबंदी नियमों के अनुरूप नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि जमीन पर मिट्टी डाली गई, जिससे झील क्षेत्र प्रभावित हुआ. उन्होंने मांग की कि वहां की गई फेंसिंग और डाली गई मिट्टी को भी हटाया जाए.

एससीएच/पीएम

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