UN में पा‍किस्‍तान को भारत का करारा जवाब, कहा- कश्‍मीर हमारा अभिन्न हिस्सा...
Webdunia Hindi June 07, 2026 12:42 AM

भारत ने दुनिया के सामने एक बार फिर पाकिस्तान के बेबुनियाद दावों को बेनकाब किया है। भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में साफ कहा कि पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि इस पर किसी भी तीसरे देश को कुछ कहने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए हरीश ने साफ किया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था है और हमेशा रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसके विपरीत कोई भी दावा निराधार, ऐतिहासिक तथ्यों से रहित और उनसे मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद पर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की भारी जिम्मेदारी है।
इस पर किसी भी तीसरे देश को कुछ कहने का अधिकार नहीं भारत ने दुनिया के सामने एक बार फिर पाकिस्तान के बेबुनियाद दावों को बेनकाब किया है। भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में साफ कहा कि पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि इस पर किसी भी तीसरे देश को कुछ कहने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह भारत का एक अभिन्न हिस्सा है।

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सुरक्षा परिषद पर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की भारी जिम्मेदारी पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए हरीश ने साफ किया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था है और हमेशा रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसके विपरीत कोई भी दावा निराधार, ऐतिहासिक तथ्यों से रहित और उनसे मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद पर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की भारी जिम्मेदारी है।
यह पक्षपाती और झूठी बातें फैलाने का मंच नहीं इसलिए भारत कुछ बातें साफतौर पर रखना चाहता है। हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद में अपनी मौजूदगी का पाकिस्तान की ओर से गलत इस्तेमाल किया गया है, जिसमें गुमराह करने वाली बातें फैलाना शामिल है। यह रवैया एकदम ठीक नहीं है। मैं पाकिस्तान को याद दिलाना चाहता हूं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य होना बड़ी जिम्मेदारी है। यह पक्षपाती और झूठी बातें फैलाने का मंच नहीं है।

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पी हरीश ने यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद की वार्षिक रिपोर्ट विश्लेषणात्मक होनी चाहिए। यह केवल तथ्यों का संकलन नहीं होना चाहिए। हरीश ने कहा, पाकिस्तान के खोखले वादों और बयानबाजी से यह मूलभूत वास्तविकता नहीं बदलेगी। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की बड़ी संख्या और उनके समय को ध्यान में रखते हुए मैं इस विषय पर और अधिक चर्चा नहीं करूंगा।

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भारतीय राजदूत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सुरक्षा परिषद में सुधार के महत्व को समझता है ताकि यह समकालीन और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए उपयुक्त बन सके। हरीश की यह तीखी प्रतिक्रिया तब आई जब संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 'सुरक्षा परिषद की वार्षिक रिपोर्ट' पर अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया।
Edited By : Chetan Gour
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