H-1B वीजा: 1 लाख डॉलर वाली फीस रद्द, कोर्ट के फैसले पर भारतीय डायस्पोरा ने जताई खुशी
TV9 Bharatvarsh June 09, 2026 09:42 AM

अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों ने मैसाचुसेट्स की फेडरल कोर्ट के उस फ़ैसले का स्वागत किया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा पर लगाई गई 1,00,000 डॉलर की फीस को रद्द कर दिया गया। उनका कहना है कि यह फ़ैसला इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में अमेरिका की प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रखने के लिए सही है.

‘फाउंडेशन फ़ॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज’ (FIIDS) में पॉलिसी और स्ट्रैटेजी के प्रमुख खंडेराव कांड ने कहा कि हम मैसाचुसेट्स फेडरल कोर्ट के उस फ़ैसले का स्वागत करते हैं, जिसमें H-1B वीजा पर 1,00,000 डॉलर की फीस को रद्द कर दिया गया है. इससे रोजगार-आधारित इमिग्रेशन सिस्टम में निश्चितता और निष्पक्षता वापस आएगी.

H-1B वीजा से जुड़े सभी लोगों को राहत

‘इंडियास्पोरा’ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजीव जोशीपुरा ने कहा, कोर्ट के आदेश के बाद H-1B वीजा से जुड़े सभी लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मामला सचमुच यहीं खत्म हो गया है. कांड ने कहा कि कोर्ट का फैसला इनोवेशन, रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में अमेरिका की प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रखने के लिए सही था.

ज्यादा कुशल ग्लोबल टैलेंट तक पहुंच जरूरी

उन्होंने कहा कि अमेरिका के टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लगातार ग्रोथ के लिए बहुत ज्यादा कुशल ग्लोबल टैलेंट तक पहुंच जरूरी है. यह फैसला इस सिद्धांत को मजबूत करता है कि बड़े नीतिगत बदलाव कानूनी अधिकार और आर्थिक हकीकत पर आधारित होने चाहिए.

कांड ने कहा कि FIIDS का मानना है कि संतुलित और योग्यता-आधारित इमिग्रेशन सिस्टम से अमेरिकी बिजनेस और पूरी इकॉनमी, दोनों मजबूत होते हैं. हालांकि, जोशीपुरा ने सावधानी बरतते हुए कहा कि अमेरिकी प्रशासन अभी भी H-1B वीजा होल्डर्स के लिए ऐसी प्रक्रियात्मक अड़चनें पैदा कर सकता है जो कानून के दायरे में हों.

प्रशासन और न्यायपालिका के बीच टकराव का जिक्र

उन्होंने प्रशासन और न्यायपालिका के बीच हालिया टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि अगर एग्जीक्यूटिव ब्रांच प्रशासन की घोषित पॉलिसी प्राथमिकताओं के अनुसार H-1B वीज़ा होल्डर्स पर रुकावटें डालना चाहती है, तो वे ऐसा प्रक्रियात्मक तरीकों से कर सकते हैं जो अमेरिकी कानून का उल्लंघन न करते हों.

कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

सोमवार को एक फेडरल जज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B आवेदनों पर लगाई गई 1,00,000 डॉलर की फीस को रद्द कर दिया. कोर्ट ने इस फीस को गैर-कानूनी करार दिया क्योंकि इसे कांग्रेस की मंज़ूरी नहीं मिली थी. पिछले साल सितंबर में, ट्रंप ने नए H-1B वीजा आवेदनों के लिए 1,00,000 डॉलर की फीस जोड़ने वाले एक आदेश पर हस्ताक्षर किए थे.

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