Uttarakhand News: उत्तराखंड के पहाड़ों में ट्रेकिंग का शौक रखने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. अब देवभूमि के खूबसूरत लेकिन चुनौतीपूर्ण रास्तों पर रोमांच तो पूरा रहेगा, लेकिन रास्ता भटकने का खतरा न के बराबर हो जाएगा. उत्तराखंड सरकार एडवेंचर टूरिज्म (साहसिक पर्यटन) को पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा तकनीकी सर्वे शुरू करने जा रही है. इसके तहत राज्य के प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स की जीपीएस (GPS) मैपिंग कराई जाएगी, जिससे ट्रेकर्स को अपनी लोकेशन और पूरे मार्ग की बिल्कुल सटीक जानकारी मिल सकेगी.
उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को निहारने और रोमांच का लुत्फ उठाने के लिए हर साल देश-विदेश से करीब 5 लाख ट्रेकर्स यहां आते हैं. छोटे-बड़े तमाम रूट्स पर युवाओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इसके साथ ही हर साल कई ट्रेकर्स इन अनजान और कठिन रास्तों पर रास्ता भटक जाते हैं. घने जंगलों और पहाड़ों में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण आपात स्थिति में उन्हें ढूंढना बेहद मुश्किल काम हो जाता है.
इसी गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने पहले चरण में 100 ट्रेकिंग रूट्स की जीपीएस मैपिंग कराने का फैसला किया है. इसके लिए तकनीकी सर्वेक्षण करने वाली विशेषज्ञ कंपनियों से आवेदन (टेंडर) भी मांग लिए गए हैं. इस मैपिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी इमरजेंसी में रेस्क्यू टीमों को ट्रेकर्स की लोकेशन ट्रेस करने में आसानी होगी.
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उत्तरकाशी में लापता महिला ट्रेकर की तलाश जारी
तकनीकी सर्वे की यह जरूरत हाल ही में सामने आई एक दुखद घटना के बाद और ज्यादा बढ़ गई है. नैनीताल जिले के रामनगर की रहने वाली महिला ट्रेकर बबीता पांडे 29 मई से लापता हैं और काफी समय बीत जाने के बाद भी उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. बबीता उत्तरकाशी के भटवाड़ी तहसील में स्थित बेहद प्रसिद्ध ‘दयारा बुग्याल ट्रेक’ क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान लापता हुई थीं.
उन्हें सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस, वन विभाग, आईटीबीपी (ITBP) और आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी (QRT) टीमें दिन-रात सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पहाड़ों के सभी संभावित इलाकों को चिन्हित कर तलाशी ली जा रही है. प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिलती, यह खोज अभियान पूरी गंभीरता और सभी आधुनिक संसाधनों के साथ निरंतर जारी रहेगा.